इन दिनों सलमान खान के पिता सलीम खान की तबीयत ठीक नहीं चल रही है. हाल ही में उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया है. पूरा बॉलीवुड उनके लिए दुआ कर रहा है. सलीम खान एक फिल्म राइटर रह चुके हैं और जावेद अख्तर के साथ उनकी जोड़ी ने खूब पॉपुलर है. हिंदी सिनेमा में सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ने एक से एक हिट फिल्में दी हैं. इसमें दीवार, शोले, त्रिशूल और काला पत्थर समेत कई फिल्में शामिल हैं. अपने पीक करियर में उन्होंने फ्लॉप होते अमिताभ बच्चन को स्टारडम दिलाया था. एक वक्त ऐसा भी था, जब सलीम-जावेद की जोड़ी हीरो से ज्यादा फीस चार्ज करती थी. साल 1982 में शक्ति जैसे ब्लॉकबस्टर देने के बाद दोनों को रास्ते अलग हो गये थे.
जावेद अख्तर से क्यों अलग हुए थे सलीम खान?
सलीम खान ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में जावेद अख्तर से अलग होकर काम करना का कारण बताया था. इस इंटरव्यू में सलीम-जावेद ने अपने करियर और पार्टनरशिप के बारे में बात की थी. सलीम को लगता था फिल्म इंडस्ट्री में उनसे ज्यादा जावेद को प्राथमिकता मिल रही थी और इस कारण उन्होंने जावेद से अलग होकर काम करने की ठानी थी. फिर सलीम ने बतौर सोलो राइटर फिल्म 'नाम' लिखी थी, जो बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई.
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उन्होंने कहा था, 'मेरे अंदर जरूर कुछ कमी रही होगी. लोगों को लगता था कि जावेद साहब ज्यादातर चीजें लिखते थे. इसलिए मेरे लिए खुद को साबित करना जरूरी हो गया था, क्योंकि इंडस्ट्री के लोग पूछते थे कि आप दोनों में से कौन लिखता है? मैंने कहा, हम दोनों ही मिलकर लिखते हैं. जिन्हें जावेद पसंद थे, वह जावेद से स्टोरी लिखवाते थे और जिन्हें मैं पसंद था, वो मुझे कहानी मांगते थे. इस तरह हम दूजे के हाथ से कई फिल्में निकल गईं'.
सोलो सक्सेस देख रो पड़े थे सलीम खान
सलीम खान ने उस पल को भी याद किया, जिसमें उनके अपनी सोलो सक्सेस देखने के बाद आंसू आ गए थे. सलीम ने जावेद से अलग होने के चार साल बाद स्क्रीन पर अपना सोलो नाम देखा और उनके आंखों में आंसू थे. उन्होंने कहा, 'चार साल बाद स्क्रीन पर मेरा सिंगल नाम दिखा, यह देखे मेरी आंखों में आंसू थे, मैं स्क्रीन पर भी नहीं देख पा रहा था'. सलीम ने आगे बताया,'हमनें दीवार, शोले, समेत एक लाइन से 10 हिट दी थीं, लेकिन जावेद से अलग होने के बाद मुझे चार सालों तक काम नहीं मिला था. मैं बस अपने फोन उठाता और चेक करता कि किसी का कॉल तो नहीं आया है'.