पाकिस्तान में रहते हैं सैफ अली खान के रिश्तेदार, अंकल थे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन, जानते हैं नाम

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और एक अनुभवी राजनयिक के तौर पर जाने जाने वाले शहरयार खान का भारतीय अभिनेता सैफ अली खान से भी करीबी पारिवारिक संबंध है. वह रिश्ते में सैफ के अंकल थे.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
पाकिस्तान में रहते हैं सैफ अली खान के रिश्तेदार
नई दिल्ली:

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और एक अनुभवी राजनयिक के तौर पर जाने जाने वाले शहरयार खान का भारतीय अभिनेता सैफ अली खान से भी करीबी पारिवारिक संबंध है. वह रिश्ते में सैफ के अंकल थे. शहरयार खान का जन्म बंटवारे से पहले के भारत के शाही परिवार में हुआ था. वह कुरवाई के नवाब मुहम्मद सरवर अली खान और बेगम आबिदा सुल्तान के बेटे थे.  जो भोपाल के अंतिम शासक नवाब हमीदुल्ला खान की बड़ी बेटी थीं. यह वंश उन्हें सीधे पटौदी परिवार से जुड़ा.आबिदा सुल्तान की छोटी बहन साजिदा सुल्तान ने इफ्तिखार अली खान पटौदी से शादी की. वह भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और सैफ अली खान के पिता मंसूर अली खान पटौदी की मां थीं. शहरयार खान और मंसूर अली खान पटौदी फर्स्ट कजिन थे. मंसूर अली खान पटौदी के फर्स्ट कजिन होने के नाते शहरयार खान सैफ अली खान के अंकल थे.

कूटनीति और क्रिकेट में एक जीवन
शहरयार एक पाकिस्तानी करियर डिप्लोमैट थे. उन्होंने 1990 से 1994 में रिटायर होने तक पाकिस्तान के विदेश सचिव के रूप में काम किया. बाद में वह रवांडा में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि (1994-1996) थे और उन्होंने वहां के अपने अनुभवों के बारे में शैलो ग्रेव्स ऑफ रवांडा किताब लिखी. अगस्त 1999 से उन्होंने समय-समय पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की अध्यक्षता की और 2016 में एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष रहे. उनके राजनयिक करियर ने उन्हें महत्वपूर्ण वर्षों के दौरान विदेश नीति के लिए काम किया, खासकर भारत-पाक संबंधों के मद्देनजर उन्होंने अहम भूमिका निभाई. 

यह भी पढ़ें कौन हैं आन्या सिंह? बॉर्डर 2 से बटोर रही हैं सुर्खियां, शाहरुख -आर्यन के साथ कर चुकी हैं काम

शहरयार खान दो बार PCB के चेयरमैन रहे. पहली बार 2003 से 2006 तक और फिर 2014 से 2017 तक. उनका पहला कार्यकाल कई सालों के निलंबन के बाद भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों को फिर से शुरू करने की कोशिशों के साथ हुआ. यह एक ऐसा काम था, जिसके लिए प्रशासनिक अधिकार के साथ-साथ राजनीतिक समझ की भी जरूरत थी. अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने 2009 के लाहौर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय अलगाव के बाद पाकिस्तान क्रिकेट की देखरेख की और बोर्ड की विश्वसनीयता और स्थिरता को बहाल करने के लिए काम किया. हालांकि उनके नेतृत्व की तारीफ और आलोचना दोनों हुई, लेकिन पाकिस्तान के क्रिकेट इतिहास में बदलाव के दौर में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है.

Advertisement

जहां सैफ अली खान भारत के जाने-माने फिल्म स्टार्स में से एक हैं. वहीं शहरयार खान सार्वजनिक सेवा में मजबूती से जुड़े रहे. शहरयार खान का 2024 में निधन हो गया, लेकिन पाकिस्तान में उन्हें कूटनीति और क्रिकेट प्रशासन में उनके योगदान के लिए आज भी याद किया जाता है.

Featured Video Of The Day
Iran Attack Israel | Trump | Mojtaba Khamenei ने जंग के बीच उतारे AI सैनिक, Trump को लगा झटका!