धुरंधर 2 को प्रोपेगैंडा कहे जाने पर भड़के रवि किशन, बोले- एक कश्मीरी पंडित ने खूबसूरती से अपने दर्द और देशभक्ति को दिखाया

रवि किशन ने कहा, “राइटर असली खबरों और घटनाओं से टॉपिक चुनते हैं और टीम उन्हें सिनेमा के जरिए स्क्रीन पर दिखाती है. खुश होना चाहिए कि लोग थिएटर जाने लगे हैं. बहुत हालत खराब थी इंडस्ट्री की, भोजपुरी इंडस्ट्री लगभग बंद हो गई थी.

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धुरंधर 2 को प्रोपेगैंडा कहे जाने पर भड़के रवि किशन
नई दिल्ली:

धुरंधर 2 दुनिया भर में तारीफ बटोर रही है और जमकर कमाई कर रही है. फिल्म अब तक दुनिया भर में 1,307.35 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी हैं. आम जनता के अलावा, इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी इस फ्रैंचाइजी की तारीफ कर रहे हैं. राम गोपाल वर्मा जैसे कुछ लोगों ने तो इसकी तुलना रमेश सिप्पी की शोले (1975) से भी की है, जो इंडियन सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी फिल्म मानी जाती है. साथ ही, धुरंधर फिल्मों को कथित तौर पर प्रोपेगैंडा करने के लिए कई लोगों से बहुत आलोचना भी मिल रही है. अब एक्टर और बीजेपी के सांसद रवि किशन धुरंधर मूवीज को सपोर्ट करने के लिए आगे आए हैं. रवि किशन ने डायरेक्टर आदित्य धर की धुरंधर मूवीज की तारीफ की.

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 ‘धुरंधर ने फिल्म इंडस्ट्री को फिर से ज़िंदा किया'

रवि किशन धुरंधर 2 के समर्थन में सामने आए और इसे प्रोपेगैंडा कहे जाने का विरोध किया. उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “इसे प्रोपेगैंडा फिल्म कहना बहुत गलत है, साउथ के एक्टर्स ने इसका खुलकर समर्थन किया, सभी को ऐसा करना चाहिए. फिल्मों को प्रोपेगैंडा कहने का एक नया ट्रेंड शुरू हो गया है – एक नया कबूतर पकड़ लिए हैं लोग.” उन्होंने आगे कहा, ‘एक युवा फिल्म निर्माता, एक कश्मीरी पंडित (आदित्य धर) ने बहुत ही खूबसूरती से अपने दर्द और देशभक्ति को दिखाया है.'

‘ये फिल्म जगत के लिए आशीर्वाद बन कर आई'

रवि किशन ने आगे कहा, “राइटर असली खबरों और घटनाओं से टॉपिक चुनते हैं, और टीम उन्हें सिनेमा के जरिए स्क्रीन पर दिखाती है. खुश होना चाहिए कि लोग थिएटर जाने लगे हैं. बहुत हालत खराब थी इंडस्ट्री की, भोजपुरी इंडस्ट्री लगभग बंद हो गई थी. यह इंडस्ट्री के लिए एक आशीर्वाद की तरह आया है, और लाखों लोग सिनेमा से अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं.”

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यह बताते हुए कि सिनेमा के लिए समाज को आईना दिखाना बहुत जरूरी है, रवि किशन ने कहा, “असल में, हमें रिसर्च के जरिए अपने इतिहास को भी सही करने की जरूरत है. हमारे इतिहास से जो पन्ने फाड़ दिए गए थे, उस सच को लोगों के सामने लाने की जरूरत है.”

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