Rajpal Yadav in Tihar Jail: बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस के एक लंबे चल रहे मामले में तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा है. सरेंडर करने से ठीक पहले वे काफी भावुक हो गए और अधिकारियों से कहा, “सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं. कोई और रास्ता नहीं दिख रहा… यहां सब अकेले हैं, कोई दोस्त नहीं होता. इस मुश्किल से मुझे खुद ही गुजरना होगा.”
यह मामला 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता' के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिससे आर्थिक तंगी आ गया और कर्ज चुकाने में दिक्कत हुई. इसके चलते दिए गए कई चेक बाउंस हो गए. इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई की.
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2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को धारा 138 के तहत दोषी ठहराया और छह महीने की सजा सुनाई. राजपाल यादव ने फैसले के खिलाफ अपील की और कई बार राहत मांगी. इस दौरान उन्होंने कुछ राशि चुकाई भी, जैसे 2025 में 75 लाख रुपये जमा किए, लेकिन बाकी रकम (करीब 9 करोड़ तक पहुंच गई) समय पर नहीं चुकाई जा सकी.
दिल्ली हाई कोर्ट ने 2 फरवरी 2026 को सरेंडर का आदेश दिया. एक्टर ने एक हफ्ते की मोहलत मांगी, लेकिन 4 फरवरी को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इसे खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि बार-बार वादे तोड़ने और गंभीरता की कमी दिखाने पर अब कोई नरमी नहीं बरती जा सकती. पॉपुलैरिटी के आधार पर कानून में कोई छूट नहीं मिल सकती.
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5 फरवरी 2026 को शाम करीब 4 बजे राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल के सुपरिंटेंडेंट के सामने सरेंडर कर दिया. अब उन्हें छह महीने की सजा काटनी होगी. इस घटना ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी है, जहां उनके फैन्स भावुक हैं और इंडस्ट्री पर सवाल उठा रहे हैं.