अभिनेता राजपाल यादव 9 करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में हैं. ये पैसे उन्होंने 2012 में रिलीज हुई अपनी फिल्म ‘अता पता लापता' के निर्माण में लगाए थे. सूत्रों के मुताबिक, यह रकम फिल्म में निवेश के तौर पर लगाई गई थी. फिल्म नहीं चल पाई, जिससे निवेश पर ब्याज बढ़ता चला गया और राजपाल यादव पैसा वापस नहीं कर पाए. इस फिल्म का निर्देशन भी राजपाल यादव ने किया था और इसमें मुख्य भूमिकाओं में ओम पुरी, असरानी, राजपाल यादव, गोविंद नामदेव, दारा सिंह और आशुतोष राणा जैसे कलाकार नजर आए थे.
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कैसे बढ़ा फिल्म का बजट
इस फिल्म को रिलीज होने में करीब दो साल का समय लगा, जिसकी वजह से लगाए गए पैसों पर ब्याज बढ़ता गया. फिल्म का बजट शुरुआत में करीब 6 करोड़ रुपये था, जो बढ़ते-बढ़ते करीब 20 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया. फिल्म रिलीज हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर कामयाब नहीं हो पाई. इस फिल्म का फलसफा कुछ वैसा ही था, जैसा राज कपूर की ‘मेरा नाम जोकर' या गुरु दत्त की ‘प्यासा' में देखने को मिला था. ये दोनों ही फिल्में अपने वक्त में फ्लॉप साबित हुई थीं, लेकिन बाद में क्लासिक मानी गईं.
ब्याज भी बढ़ता गया
इस फिल्म में काम कर रहे राजपाल यादव के करीबी दोस्त और अभिनेता पद्म सिंह ने बताया, “नहीं, उन्होंने ‘अता पता लापता' बहुत आगे की सोच के साथ बनाई थी और बहुत मन से बनाई थी. खुद ही डायरेक्ट किया था और फिल्म इंडस्ट्री के ज्यादातर लोगों ने इसमें उत्साह के साथ काम किया था. दूसरी बात, उस दौरान फिल्म के लिए जो निवेश आया था, वही ब्याज के साथ बढ़ गया है. वो मन से बहुत मजबूत व्यक्ति हैं और किसी भी परिस्थिति को झेलने की ताकत रखते हैं. गुरुदेव की कृपा उन पर है.”
कैसे इंसान राजपाल यादव
आगे पद्म सिंह ने राजपाल यादव के व्यक्तित्व के बारे में बात करते हुए कहा, “वो बहुत साफ नीयत के इंसान हैं. अगर उन्हें वक्त मिलेगा, तो वो एक-एक पैसा हर व्यक्ति का चुकाने की क्षमता रखते हैं और वो देंगे. उनकी नीयत एकदम साफ है. मैं उन्हें 1997 से जानता हूं,व्यक्तिगत तौर पर भी, पारिवारिक तौर पर भी और गुरु-भाई होने के नाते भी. उन्होंने हमेशा लोगों के लिए किया है. अगर उन्हें थोड़ा वक्त दिया जाएगा, तो वो एक-एक पैसा चुका देंगे.”
फिल्म कामयाब नहीं हो पाई
फिल्म की शूटिंग और उसके स्तर पर बात करते हुए पद्म सिंह ने कहा, “‘अता पता लापता' में बहुत लोगों ने काम किया था, जाने-माने कई अभिनेता थे. दो से ढाई साल तक उस फिल्म को बनाने में समय लगा, थोड़ा डिले हो गया था. फिल्म बहुत भव्य थी और उसमें विश्व चैंपियन दारा सिंह ने अहम भूमिका निभाई थी. मेरे ख्याल से यह दारा सिंह जी की आखिरी फिल्मों में से एक थी. राजपाल ने एक अच्छी फिल्म बनाने की कोशिश की थी, लेकिन फिल्म कामयाब नहीं हो पाई.”
फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
इस फिल्म का शूट बड़े पैमाने पर हुआ था और राजपाल यादव ने इसमें किसी भी तरह की कमी न रहने देने की कोशिश की. लेकिन फिल्म रिलीज होने के बाद इसकी कमाई बेहद कम रही. विकिपीडिया के मुताबिक, फिल्म ने करीब 38 लाख रुपये की कमाई की. इसके बाद राजपाल यादव पर बड़ा कर्ज़ चढ़ गया, जिसकी वजह से कोर्ट में कानूनी लड़ाई शुरू हुई और मामला यहां तक पहुंच गया.