जेल से रिहा होने के बाद भी राजपाल यादव सुर्खियों में बने हुए हैं. कभी वो अपनी अपकमिंग मूवीज को लेकर चर्चा में हैं तो कभी अपने सोनी सीद पर निशाना साधने की वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं. अब वह अपने पैतृक घर को लेकर चर्चा में आ गए हैं. उन्होंने कहा है कि उनके घर में पांच करोड़ रु की ईंट लगी है. जिस पर पूरा मकान खड़ा है. उसके बाद से उनके फैंस में उनके पुश्तैनी घर को लेकर क्यूरियोसिटी बढ़ गई है. आप भी अगर उनके उस घर के बारे में जानना चाहते हैं तो यहां उसकी दस चुनिंदा तस्वीरें देख सकते हैं.
मशहूर बॉलीवुड कॉमेडियन राजपाल यादव का पैतृक घर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के कुंद्रा गांव में स्थित है. यही वह जगह है जहां 16 मार्च 1971 को उनका जन्म हुआ था और यहीं से उनकी शुरुआती जिंदगी शुरू हुई.
राजपाल यादव ने अपनी शुरुआती शिक्षा भी यहीं के स्कूल से हासिल की थी. गांव से निकलकर उन्होंने मुंबई का रुख किया और अपने अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अलग पहचान बनाई.
गांव में राजपाल यादव के घर को यादव भवन के नाम से जाना जाता है. घर के बाहर बड़े अक्षरों में यादव भवन लिखा हुआ है. जिसे गांव के लोग आसानी से पहचान लेते हैं.
ये घर आज भी उसी रूप में मौजूद है और परिवार के लिए इसकी काफी इमोशनल वैल्यू है.
घर के अंदर प्रवेश करते ही एक छोटा सा मंदिर दिखाई देता है. इसके अलावा परिसर में कुछ और छोटे मंदिर भी बने हुए हैं. जहां परिवार पूजा पाठ करता है.
राजपाल यादव मुंबई में रहते हैं. लेकिन उनके पिता और भाई अभी भी गांव में रहते हैं और यहीं पर अपना समय बिताते हैं.
राजपाल यादव के भाई आज भी गांव में खेती बाड़ी करते हैं. यादव भवन के ठीक सामने एक बड़ा गैरेज भी बना हुआ है. यहां परिवार की कई गाड़ियां और खेती के वाहन खड़े रहते हैं.
घर के सामने एक बड़ा पीपल का पेड़ और चबूतरा बना हुआ है. यही बैठक की जगह है जहां गांव के लोग बैठकर बातचीत और मेलजोल करते हैं.
राजपाल यादव का ये पैतृक घर काफी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है. परिसर में मुख्य घर, बैठक और अन्य हिस्स बने हुए हैं जहां परिवार के लोग रहते हैं.
अगर कोई राजपाल यादव का पैतृक घर देखना चाहता है तो पहले शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा. वहां से करीब 50 किलोमीटर दूर बांदा के रास्ते कुंद्रा गांव पहुंचा जा सकता है. जहां यादव भवन स्थित है.