90s की वो पाकिस्तानी सुपरहिट फिल्म, जिसका भारत में बना था रीमेक, मिथुन चक्रवर्ती थे हीरो, जानें क्यों बॉक्स ऑफिस पर हुई फ्लॉप

साल 1988 में पाकिस्तान में रिलीज हुई फिल्म 'बाजार-ए-हुस्न' की सफलता के बाद 1990 में हिंदी सिनेमा के निर्देशक राजकुमार कोहली ने इस फिल्म का रिमेक बनाने की सोची. लेकिन यह फिल्म बॉलीवुड में बेहतर प्रदर्शन करने में सफल नहीं रही थी.

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Untold story about remake of Film bazaar- E -husn: बॉलिवुड में रिमेक बनाने का का दौर आज से नहीं बल्कि 90 के दशक से चला आ रहा है. उस समय इसे हिंदी सिनेमा के नए प्रयोगों के तौर पर लिया जा रहा था, लेकिन कई बार यह प्रयोग उल्टे साबित हो जाते थे, जिसका असर फिल्मों की रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह लुढॉकते हुए देखा जाता है. ऐसा ही 90 के दशक में आई फिल्म पति पत्नी औऱ तबावयफ के साथ हुआ था जो पाकिस्तान की चर्चित फिल्म बाजार -ए- हुस्न ( Bazar- e- Husn) का ऑफिशयली हिंदी रीमेक थी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर मुंह की खाई थी, और हाल इतना बुरा हुआ था कि फिल्म अपनी लागत भी निकालने में कामयाब नहीं रह पाई थी.

'बाजार- ए- हुस्न ने पाकिस्तान में जीते थे 6 निगार अवार्ड्स

यह रिमेक बना पाकिस्तानी फिल्म 'बाजार- ए- हुस्न' का जो वहां 9 सितंबर 1988 में रिलीज हुई थी. इसकी सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस फिल्म ने वहां सुपरहिट का तमगा हासिल किया था और उसने वहां कई रिकॉर्ड तोड़े थे. जावेद फाजिल और सरवर भट्टी के जरिए निर्देशित इस फिल्म को न केवल दर्शकों का भरपूर प्यार मिला, बल्कि इसने 1988 के प्रतिष्ठित निगार अवार्ड्स (Nigar Awards) में 6 पुरस्कार भी अपने नाम किए थे. 

क्या थी पाकिस्तानी फिल्म बाजार ए हुस्न की कहानी 

तारिक नाम के एक प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक से शुरू होती है। तारिक अपनी पत्नी आबिदा और बच्चों के साथ एक खुशहाल पारिवारिक जीवन बिता रहा होता है. जो अपनी अगली फिल्म के लिए एक ओरिजनल और नया चेहरे की तलाश कर रहा होता है. इसके लिए वह कई  शहर के रेड-लाइट एरिया (कोठे) में जाता है. वहां उसकी मुलाकात 'गोरी' (जिसे सलमा आगा ने निभाया है) नाम की एक तवायफ से होती है, जो बहुत अच्छा अभिनय और नृत्य करती है. तारिक उसे अपनी फिल्म में कास्ट कर लेता है.  

शूटिंग के दौरान तारिक गोरी के सौंदर्य और आकर्षण से प्रभावित हो जाता है.  धीरे-धीरे वह  उसके प्यार में इस कदर पड़ता है कि अपना हंसता-खेलता परिवार, इज्जत और सब कुछ खो बैठता है. इस फिल्म में पाकिस्तान ने बंपर कमाई की थी. जिसका असर भारतीय हिंदी सिनेमा पर भी पड़ा.

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पाकिस्तानी फिल्म बाजार-ए- हुस्न के गाने

पति, पत्नी और तवायफ' के नाम से बना था बाजार ए हुस्न का रिमेक

इस फिल्म की सफलता के बाद भारतीय हिंदी सिनेमा ने भी बाद में 1990 में बॉलीवुड में पति, पत्नी और तवायफ' नाम से इसका हिंदी रीमेक भी बनाया गया था. जिसमें मिथुन चक्रवर्ती और सलमा आगा की मुख्य भूमिका में थे. इस मूवी की खास बात यह थी कि  ओरिजिनल फिल्म में नजर आई एक्ट्रेस ने हिंदी रीमेक में भी उसी किरदार को निभाया.फिल्म का निर्देशन राजकुमार कोहली ने किया था. इसमें मिथुन चक्रवर्ती, सलमा आगा के अलावा अनीता राज और सुमीत सहगल जैसे कलाकार भी नजर आए थे.

हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ा कमाल नहीं दिखा सकी, और इसका हाल बेहद बुरा रहा.  वही इसका बजट लगभग 2 करोड़ 20 लाख रुपये का था. भारत में इस फिल्म ने लगभग 2 करोड़ 90 लाख रुपये का नेट कलेक्शन किया था. वही इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड कलेक्शन लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपये का था. यह फिल्म बॉक्स पर भले ही ज्यादा कमाल नहीं कर पाई लेकिन सकी कहानी और कलाकारों की परफॉर्मेंस ने दर्शकों का ध्यान खींचा.

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