1965 के हिंदी विरोधी आंदोलन पर बनी इस फिल्म को लेकर मेकर ने किया पोस्ट, लिखा- तमिल जीतेगी

तमिल सिनेमा की दुनिया में इन दिनों एक खास फिल्म की चर्चा जोरों पर है. फिल्म का नाम है 'पराशक्ति'. यह फिल्म 1965 में तमिलनाडु में हुए हिंदी भाषा थोपने के खिलाफ बड़े आंदोलन पर आधारित है.

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1965 के हिंदी विरोधी आंदोलन पर बनी इस फिल्म को लेकर मेकर ने किया पोस्ट
नई दिल्ली:

तमिल सिनेमा की दुनिया में इन दिनों एक खास फिल्म की चर्चा जोरों पर है. फिल्म का नाम है 'पराशक्ति'. यह फिल्म 1965 में तमिलनाडु में हुए हिंदी भाषा थोपने के खिलाफ बड़े आंदोलन पर आधारित है. फिल्म के निर्माता आकाश भास्करन ने सोशल मीडिया पर उत्साह भरा पोस्ट डाला है. उन्होंने तमिल में लिखा, "तमिल वेल्लुम" यानी "तमिल जीतेगी". इस पोस्ट में आग और ताकत के इमोजी भी जोड़े गए हैं, जो फिल्म के जोशीले अंदाज को दिखाते हैं.

क्या है पराशक्ति की कहानी

'पराशक्ति' को निर्देशक सुधा कोंगारा ने बनाया है और मुख्य भूमिका में लोकप्रिय अभिनेता सिवकार्तिकेयन हैं. यह सिवकार्तिकेयन की 25वीं फिल्म है. फिल्म की कहानी भाईचारे, छात्र आंदोलन, देशभक्ति और भाषाई पहचान की लड़ाई पर केंद्रित है. इसमें 1960 के दशक के मद्रास (अब चेन्नई) के सामाजिक-राजनीतिक माहौल को दिखाया गया है. सिवकार्तिकेयन एक कॉलेज छात्र का किरदार निभा रहे हैं, जो आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा लेता है. कहानी छात्र नेता एम. राजेंद्रन पर आधारित है, जिन्होंने प्रदर्शनों में अपनी जान गंवाई थी.

पराशक्ति स्टारकास्ट

1965 का हिंदी विरोधी आंदोलन तमिलनाडु के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उस समय केंद्र सरकार हिंदी को देश की एकमात्र आधिकारिक भाषा बनाने की योजना बना रही थी. इससे तमिल भाषी लोग नाराज हो गए और बड़े प्रदर्शन हुए. छात्रों ने आगे बढ़कर विरोध किया, जिससे पूरे राज्य में हलचल मच गई. इस आंदोलन ने भाषाई अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत आवाज उठाई. फिल्म में रवि मोहन, अथर्वा, मुरली और श्रीलीला जैसे कलाकार भी हैं. संगीत जी.वी. प्रकाश कुमार ने दिया है. फिल्म का बजट करीब 150 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. इसे डॉन पिक्चर्स ने बनाया है और रेड जायंट मूवीज वितरित कर रही है. तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन इसी कंपनी के संस्थापक हैं.
 

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