पंचायत का ऐ राजा जी नहीं है वायरल गाना, सदियों से गाया जा रहा है बिहार का मंगल गीत, आज खूब है पॉपुलर

पंचायत में सुनाई देने वाला 'ए राजा जी' गाना कोई नया ट्रैक नहीं, बल्कि बिहार और पूर्वांचल का सदियों पुराना सोहर लोकगीत है. जानिए कैसे इस गाने ने वेब सीरीज के जरिए नई पीढ़ी के दिलों में फिर से जगह बना ली.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
'पंचायत' का नया नहीं है 'ए राजा जी',बिहार का सदियों पुराना सोहर है ये गीत
नई दिल्ली:

प्राइम वीडियो पर एक वेब सीरीज आई, एक गाना बजा और देखते ही देखते पूरा इंटरनेट उसी धुन पर झूमने लगा. लोगों ने रील्स बनाईं, गाना गुनगुनाया और उसे नया वायरल ट्रैक समझ लिया. लेकिन असली ट्विस्ट तो अब सामने आया है. हम बात कर रहे हैं ओटीटी की नंबर वन इंडियन वेब सीरीज पंचायत की, जिसमें सुनाई देने वाला 'ए राजा जी' कोई नया गाना नहीं, बल्कि बिहार और पूर्वांचल का सदियों पुराना सोहर लोकगीत है. यानी जिस धुन पर आज सोशल मीडिया झूम रहा है, उसी धुन ने बरसों पहले गांव के घर-आंगन में नन्हे मेहमान के आने की खुशियां भी मनाई थीं. यही वजह है कि इस गीत में आज भी वो अपनापन महसूस होता है, जो सीधे दिल को छू जाता है. 

सोहर का मतलब क्या होता है

सोहर एक ऐसा लोकगीत यानी मंगल गीत है, जो घर में नन्हे मेहमान के आने की खुशी में गाया जाता है. बच्चे के जन्म के बाद महिलाएं ढोलक, मंजीरे और तालियों की थाप पर मिलकर ये गीत गाती हैं. पूरा घर हंसी, खुशी और जश्न से भर जाता है. ये सिर्फ गाना नहीं होता, बल्कि परिवार के सबसे खास पल को यादगार बनाने का एक खूबसूरत तरीका होता है. शायद यही वजह है कि आज भी गांवों में बच्चे के जन्म की खुशियां सोहर के बिना अधूरी मानी जाती हैं. सोहर की सबसे बड़ी खासियत इसके बोल हैं. इनमें मां का प्यार, परिवार की खुशी और बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की कामना सुनाई देती है. कई गीतों में भगवान राम और भगवान कृष्ण के जन्म का भी जिक्र मिलता है. महिलाएं इन गीतों के जरिए दुआ करती हैं कि घर आया नन्हा मेहमान भी खूब तरक्की करे और परिवार का नाम रोशन करे. यही अपनापन इन गीतों को पीढ़ी दर पीढ़ी जिंदा रखे हुए है.

ये भी पढ़ें- Zee5 पर आई धुरंधर के मेजर इकबाल की नई फिल्म, दो साल से हो रही थी पोस्टपोन, दिखा अर्जुन रामपाल का धांसू अवतार

Advertisement

सदियों पुरानी परंपरा, जो आज भी नहीं बदली

सोहर कब शुरू हुआ, इसका कोई पक्का रिकॉर्ड नहीं मिलता. माना जाता है कि ये परंपरा बहुत पुराने समय से चली आ रही है. पहले जब किसी घर में बच्चे का जन्म होता था, तो आसपास की महिलाएं इकट्ठा होकर गीत गाती थीं और नवजात को आशीर्वाद देती थीं. वक्त के साथ गाने के अंदाज बदले, लेकिन इसकी मिठास और भावनाएं आज भी वैसी ही हैं. पंचायत ने सिर्फ एक पुराने लोकगीत को वायरल नहीं किया, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से भी जोड़ दिया. जो लोग इस गाने को वेब सीरीज का नया ट्रैक समझ रहे थे, उन्हें अब इसकी असली कहानी भी पता चल रही है. यही वजह है कि 'ए राजा जी' आज सिर्फ एक वायरल गाना नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा और नई पीढ़ी के बीच एक खूबसूरत पुल बन गया है.

पंचायत के बारे में 

पंचायत ओटीटी की पॉपुलर सीरीज है, जिसका निर्माण टीवीएफ यानी द वायरल फीवर ने किया है. वहीं अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होती है. सीरीज के 4 सीजन आ चुके हैं, जिसकी शुरूआत 2019 में पहले सीजन से हुई थी. वहीं 2022, 2024 और 2025 में इसके सीजन आ चुके हैं. इस सीरीज को कई अवॉर्ड मिल चुके हैं. जबकि आईएमडीबी पर 8.7 रेटिंग दी गई है. 

Advertisement

पंचायत सीरीज की कहानी

पंचायत की कहानी उत्तर प्रदेश के फुलेरा गांव की है. जहां दिल्ली का एक लड़का अभिषेक त्रिपाठी (जीतेंद्र कुमार) गांव में पंचायत सचिव बनकर जाते हैं और वहां रहते हैं. इस बीच, नीना गुप्ता, रघुवीर यादव और फैसल मलिक के किरदारों से सचिव की मुलाकात होती है. वहीं अब पांचवे सीजन का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. 

ये भी पढ़ें- मोहम्मद रफी का 59 साल पुराना गाना, हर बर्थडे पार्टी की है शान, फिल्म ने जीतेंद्र को बनाया जंपिग जैक, 12 हफ्तों तक नहीं मिले थे दर्शक

Featured Video Of The Day
देखते-देखते क्यों बंद हो रहे ई-रिक्शा? क्या है इसके पीछे की असली वजह?
Topics mentioned in this article
Panchayat Web Series
Ae Raja Ji Song
Sohar
Prime Video
Panchayat