फिल्म निर्माता अनु रंजन के शो ‘रील ऑर रियल विद अनु' में पहुंचीं दिग्गज गायिका अलका याग्निक ने अपने करियर से जुड़े कई ऐसे किस्से साझा किए, जिनकी चर्चा आज भी होती है. बातचीत के दौरान उन्होंने संगीत की दुनिया में होने वाली राजनीति, अपने करियर के उतार-चढ़ाव और उस विवादित दावे पर भी खुलकर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि आतंकी ओसामा बिन लादेन उनके गानों का बड़ा प्रशंसक था. सालों पहले मीडिया में यह खबर सामने आई थी कि ओसामा के ठिकाने से अलका याग्निक के गानों की कैसेटें बरामद हुई थीं.
इस सवाल पर सिंगर ने बेहद सहज और मजाकिया अंदाज में जवाब दिया और कहा कि अगर किसी को उनके गाने पसंद हैं तो इसमें उनकी क्या गलती है. उन्होंने अपनी बात हंसी-मजाक में रखी, लेकिन साथ ही कलाकार और कला के रिश्ते पर भी दिलचस्प टिप्पणी की.
ओसामा बिन लादेन को लेकर क्या बोलीं अलका याग्निक?
इंटरव्यू के दौरान जब अनु रंजन ने अलका याग्निक से पूछा कि दुनिया के सबसे कुख्यात आतंकियों में शामिल ओसामा बिन लादेन के ठिकाने से उनके गानों की कैसेटें मिलने की खबर पर उन्हें कैसा लगा था, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “इसमें मेरी क्या गलती है?” उन्होंने आगे कहा कि शायद उसके भीतर कहीं न कहीं एक कलाकार भी रहा होगा, जिसे संगीत पसंद था. अलका ने इस पूरे मामले को हल्के-फुल्के अंदाज में लिया और कहा कि अगर किसी को उनका संगीत पसंद आया तो इसे गलत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. उनका यह जवाब अब एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है.
संगीत की दुनिया की राजनीति पर भी की खुलकर बात
अलका याग्निक ने बातचीत में यह भी स्वीकार किया कि फिल्म इंडस्ट्री और संगीत जगत में राजनीति हमेशा से रही है. उन्होंने बताया कि कई बार बेहतरीन गाने उनके हाथ से सिर्फ इसलिए निकल गए क्योंकि इंडस्ट्री में लॉबिंग और ग्रुपबाजी हावी थी. हालांकि उन्होंने इस बात का कभी अफसोस नहीं किया. सिंगर का कहना था कि हर कलाकार के हिस्से में वही काम आता है जो उसकी किस्मत में लिखा होता है. उन्होंने हमेशा अपने काम पर भरोसा रखा और किसी के खिलाफ शिकायत करने के बजाय आगे बढ़ने का रास्ता चुना. अलका ने कहा कि लंबा करियर बनाए रखने के लिए प्रतिभा के साथ धैर्य और सकारात्मक सोच भी बेहद जरूरी होती है.