हिंदी सिनेमा में कुछ गाने ऐसे बने हैं जिनको अमर माना जाता है. मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, मन्ना डे, लता मंगेशकर ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक गाने गाए हैं, जो सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में भी मशहूर हुए हैं. मोहम्मद रफी का ऐसा ही एक 56 साल पुराना गाना है, जिसे तुर्की में कॉपी किया गया था. हिंदी सिनेमा की यह गाना 'गुलाबी आंखें जो तेरी देखी…' है. यह गाना साल 1970 में आई फिल्म द ट्रेन का है.
Gen Z गाने पर जमकर बनाते हैं रील्स
'गुलाबी आंखें जो तेरी देखी…' एक मस्तभरा रोमांटिक गाना है, जो दुनिया भर का दिल जीतने वाला क्लासिक गाना बन गया. मोहम्मद रफी की जादुई आवाज, आर.डी. बर्मन के म्यूजिक और आनंद बक्शी के बोल ने 'गुलाबी आंखें जो तेरी देखी…' कल्ट क्लासिक बनाया. इस गाने को राजेश खन्ना और नंदा पर फिल्माया गया है. इतना ही नहीं यह गाना किसी भी जमाने में पुराना नहीं हुआ है. यही वजह है कि Gen Z की इस पर खूब रील्स बनाते दिखते हैं.
तुर्की में कॉपी हुई धुन
'गुलाबी आंखें जो तेरी देखी…' गाने की धुन और वोकल्स को तुर्की हिप-हॉप आर्टिस्ट डा पोएट ने 2008 के एल्बम 'रिस्क' में अपने ट्रैक 'आयागा काल्क' के लिए लिया था. रफी साहब की ओरिजिनल प्लेबैक ने अंतरराष्ट्रीय म्यूजिक सीन तक पहुंच बनाई. ‘द ट्रेन' रविकांत नागाइच द्वारा निर्देशित थ्रिलर फिल्म है, जो 1967 की मलयालम फिल्म ‘कोचीन एक्सप्रेस' का रीमेक है. राजेश खन्ना ने सीआईडी इंस्पेक्टर श्याम कुमार का रोल निभाया, जबकि नंदा ने नीता/गीता का किरदार किया. हेलेन, मदन पुरी और राजेंद्रनाथ जैसे कलाकार भी शामिल थे.
फिल्म की कमाई
नंदा ने खुद प्रोड्यूसर राजेंद्र कुमार को राजेश खन्ना का नाम सुझाया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और करीब 2.10 करोड़ रुपये की कमाई के साथ राजेश खन्ना की 17 लगातार हिट फिल्मों की लिस्ट में शामिल हुई. आर.डी. बर्मन की धुन को डायरेक्टर ने पहले ‘सुस्त' कहकर रिजेक्ट कर दिया था, क्योंकि फिल्म थ्रिलर थी. बाद में पंचम दा ने तेज बीट्स, गिटार और ड्रम जोड़कर इसे मस्त बना दिया.