हिंदी सिनेमा की ट्रेजेडी क्वीन कही जाने वाली मीना कुमारी की जिंदगी से जुड़े कई किस्से आज भी चर्चा में रहते हैं. ऐसा ही एक हैरान करने वाला वाकया उस समय का है, जब वह अपने पति और फिल्म डायरेक्टर कमल अमरोही के साथ फिल्म ‘पाकीजा' की शूटिंग के लिए मध्य प्रदेश के शिवपुरी जा रही थीं. रास्ते में चंबल के बीहड़ों में उनकी कार का पेट्रोल खत्म हो गया. तभी अचानक वहां कई हथियारबंद डाकुओं ने उनकी गाड़ी को घेर लिया, जिससे माहौल में दहशत फैल गई.
डाकुओं को शुरुआत में शक हुआ कि ये लोग पुलिस से जुड़े हो सकते हैं. लेकिन जब कमल अमरोही ने खुद को फिल्म डायरेक्टर बताया और शूटिंग के लिए आने की बात कही, तब स्थिति थोड़ी सामान्य हुई. डाकुओं का सरदार खुद को अमृत लाल चंबल बता रहा था, जो उस समय का कुख्यात डाकू माना जाता था.
यह भी पढ़ें - आज कहां हैं टीवी के लव-कुश? 38 साल बाद पहचानना हुआ मुश्किल, एक्टिंग से दूर कर रहे इस फील्ड में नाम
मीना कुमारी से मिलने की जिद
जब डाकू सरदार को पता चला कि दूसरी गाड़ी में मीना कुमारी मौजूद हैं, तो उसने उनसे मिलने की इच्छा जताई. वह उनका बड़ा फैन था और उनसे मिलने के लिए अड़ गया. इसके साथ ही उसने शर्त रखी कि मीना से मिलने के बाद ही सभी को जाने दिया जाएगा.
चाकू से लिया गया ऑटोग्राफ
हालात तब और डरावने हो गए जब डाकू ने ऑटोग्राफ की मांग की, क्योंकि पेन-पेपर न होने पर उसने चाकू निकाल लिया था. उसने मीना कुमारी से कहा कि वह उनके हाथ पर चाकू से अपना नाम लिखें. इस मांग से मीना कुमारी घबरा गईं, लेकिन जान बचाने के लिए उन्होंने ऐसा ही किया. इसके बाद डाकुओं ने गाड़ी में पेट्रोल भरवाया और उन्हें सुरक्षित जाने दिया.
ट्रेजेडी क्वीन का दर्द भरा जीवन
मीना कुमारी ने अपने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट की थी. इसके बाद उन्होंने साहिब बीवी और गुलाम और पाकीजा जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया. उनकी जिंदगी भी संघर्षों से भरी रही. कमल अमरोही के साथ उनकी शादी ज्यादा समय तक खुशहाल नहीं रह सकी. रिश्ते में आई दूरियों ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया. धीरे-धीरे वह डिप्रेशन और शराब की लत का शिकार हो गईं. महज 39 साल की उम्र में लीवर सिरोसिस के कारण उनका निधन हो गया था.