Movie Review: तीसरी बार फिर मर्दानी बनी रानी मुखर्जी, जानें कैसी है मर्दानी 3

इस हफ्ते रिलीज हुई फिल्म मर्दानी 3 जो की मर्दानी फ्रैंचाइज की तीसरी फिल्म है. आपने मर्दानी 1 और मर्दानी 2 पहले देखी हैं और मर्दानी 2 और मर्दानी 3 के बीच करीब छह साल का गैप रहा है.

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Movie Review: तीसरी बार फिर मर्दानी बनी रानी मुखर्जी

परिचय

इस हफ्ते रिलीज हुई फिल्म मर्दानी 3 जो की मर्दानी फ्रैंचाइज की तीसरी फिल्म है. आपने मर्दानी 1 और मर्दानी 2 पहले देखी हैं और मर्दानी 2 और मर्दानी 3 के बीच करीब छह साल का गैप रहा है. छह साल के बाद अब मर्दानी 3 आई है. यह यशराज फिल्म्स की फिल्म है और इस शुक्रवार रिलीज हुई है.

कलाकार-

रानी मुखर्जी इस फिल्म में पुलिस ऑफिसर शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार निभा रही हैं. उनके साथ जेशु सेन गुप्ता, मिखाइल यावलकर, मलिका प्रसाद, जानकी बोदेवाला और शशि रंजन भी हैं.

निर्देशक-

फिल्म का निर्देशन अभिराज मीनावाला ने किया है.

बैकग्राउंड स्कोर-

फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर जॉन स्टीवर्ट एरिरा ने दिया है.

कहानी

फिल्म की कहानी बुलंदशहर में घटती एक घटना से शुरू होती है, जहां दो लड़कियों का अपहरण कर लिया जाता है. इनमें से एक लड़की एक एंबेसडर की बेटी है और दूसरी लड़की उस एंबेसडर के घर में काम करने वाले व्यक्ति की बेटी है. यह केस रानी मुखर्जी के किरदार को दिया जाता है और फिर वह इसकी तहकीकात शुरू करती हैं. धीरे-धीरे पता चलता है कि यह सिर्फ दो लड़कियों के अपहरण का मामला नहीं है, बल्कि इसके तार बहुत बड़े अपराध से जुड़े हुए हैं. वह अपराध क्या है और शिवानी शिवाजी रॉय किस तरह केस सॉल्व करती हैं, यह फिल्म देखने के बाद पता चलेगा.

फिल्म की खामियां

1. प्रिडिक्टेबिलिटी

कॉप ड्रामा फिल्मों में आमतौर पर यह तय होता है कि ईमानदार पुलिस ऑफिसर किसी बड़े अपराध का भंडाफोड़ करेगा और केस सॉल्व करेगा. ऐसे में दर्शक को पहले से पता होता है कि कहानी किस दायरे में चलेगी. दर्शक के लिए सिर्फ यह देखने की उत्सुकता रहती है कि केस किस तरह सॉल्व होगा. इस वजह से फिल्म में प्रिडिक्टेबिलिटी एक समस्या बन सकती है, हालांकि इस जॉनर में इससे पूरी तरह बचा पाना मुश्किल है.

2. सेकंड हाफ फ्लैट

फिल्म का सेकंड हाफ थोड़ा फ्लैट हो जाता है. स्क्रिप्ट में ज्यादा ट्विस्ट और टर्न्स नहीं हैं और कई बार दर्शक को पहले से अंदाजा लगने लगता है कि आगे क्या होने वाला है.

3. डायलॉग और बैकग्राउंड स्कोर में क्लिशे

फिल्म के डायलॉग कई जगह प्रिडिक्टेबल और क्लिशे लगते हैं. महिला प्रधान फिल्मों में बहादुर महिला पुलिस ऑफिसर को मां दुर्गा या मां काली से जोड़कर दिखाया जाता है और वैसे ही डायलॉग और बैकग्राउंड स्कोर दोहराए जाते हैं. इस फिल्म में भी मां काली और मां दुर्गा की वंदना वाला बैकग्राउंड स्कोर और वैसे ही डायलॉग्स सुनाई देते हैं, जो अब थोड़ा बासी लगने लगे हैं.

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4. प्रिडिक्टेबल ट्विस्ट

सेकंड हाफ में जो ट्विस्ट और टर्न्स आते हैं, वे काफी हद तक पहले से समझ में आ जाते हैं, जिससे सस्पेंस का असर कम हो जाता है.

फिल्म की खूबियां

1. रानी मुखर्जी का अभिनय

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत रानी मुखर्जी हैं. उनके एक्शन सीन्स और उनके किरदार का कन्विक्शन शानदार है. खास तौर पर फिल्म की शुरुआत में उनका इंट्रोडक्शन सीन बहुत प्रभावशाली है. उस सीन में रानी मुखर्जी किसी लेडी सिंघम से कम नहीं लगतीं और सुपरस्टार जैसी मौजूदगी दिखती है.

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2. दमदार फर्स्ट हाफ

फिल्म का फर्स्ट हाफ बहुत कड़क है. पेस, स्क्रीनप्ले और स्क्रिप्ट के स्तर पर फिल्म एंगेजिंग रहती है. नए-नए चौंकाने वाले मोमेंट्स आते रहते हैं और दर्शक फिल्म से जुड़े रहते हैं.

3. बैकग्राउंड स्कोर

मां दुर्गा और मां काली की वंदना को छोड़ दें तो बैकग्राउंड स्कोर असरदार है और सीन की इंटेंसिटी बढ़ाता है.

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4. अन्य कलाकार

अन्य कलाकारों का काम ठीक है, हालांकि मलिका प्रसाद का अभिनय कहीं-कहीं ओवर लगता है, संभवतः थिएटर बैकग्राउंड के कारण उनके एक्सप्रेशन्स ज्यादा हो गए हैं.

स्क्रिप्ट पर टिप्पणी

अगर स्क्रिप्ट में और नए ट्विस्ट और टर्न्स होते और क्लिशे से बचा जाता, तो फिल्म और बेहतर हो सकती थी. जब दर्शकों को चीजें पहले से समझ में आने लगें, तो थ्रिल कम हो जाता है.

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निष्कर्ष और रेटिंग

कुल मिलाकर मर्दानी 3 एक देखने लायक कॉप ड्रामा है, खास तौर पर रानी मुखर्जी के दमदार अभिनय के लिए.

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