आज भी जैसे ही किसी शादी या विदाई में ये गाना बजता है, माहौल अपने आप बदल जाता है. करीब 30 साल बाद भी इसका जादू बिल्कुल कम नहीं हुआ है. नई पीढ़ी से लेकर 90 के दशक के लोग तक इसे बड़े शौक से सुनते हैं. यही वजह है कि ये गाना आज भी हर वेडिंग प्लेलिस्ट का हिस्सा बना हुआ है. लेकिन इस गाने से जुड़ी एक बात बहुत कम लोग जानते हैं. जिस सिंगर ने अपनी आवाज से इसे हमेशा के लिए यादगार बना दिया, वो पहला ही सुपरहिट बॉलीवुड गाना देने के बाद अचानक फिल्मी दुनिया से गायब हो गईं. आखिर इसके पीछे की कहानी क्या है, आइए जानते हैं.
इस गाने ने दिला दी रातोंरात पहचान
साल 1995 में रिलीज हुई शाहरुख खान और काजोल की फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' का गाना 'घर आजा परदेसी' रिलीज होते ही लोगों के दिलों में बस गया. इस गाने को पंजाबी लोक गायिका मनप्रीत अख्तर ने अपनी आवाज दी थी. गाने का इमोशन, म्यूजिक और उनकी अलग अंदाज की सिंगिंग ने लोगों को खूब पसंद आई. देखते ही देखते ये फिल्म के सबसे हिट गानों में शामिल हो गया और आज भी शादी-ब्याह में खूब बजता है.
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पहले ही बॉलीवुड गाने से बन गईं चर्चा का हिस्सा
बॉलीवुड में कई सिंगर्स को पहचान बनाने में सालों लग जाते हैं, लेकिन मनप्रीत अख्तर ने पहले ही गाने से अपनी अलग पहचान बना ली. इस गाने की कामयाबी के बाद लोगों को लगा कि वो आने वाले समय में बॉलीवुड के कई बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनेंगी. हालांकि ऐसा नहीं हुआ और उनका फिल्मी सफर यहीं लगभग रुक गया.
आखिर क्यों छोड़ दी बॉलीवुड की राह
'घर आजा परदेसी' जैसा सुपरहिट गाना देने के बाद भी मनप्रीत अख्तर ने बॉलीवुड में ज्यादा काम नहीं किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वो वापस पंजाब लौट गईं और पंजाबी सूफी व लोक संगीत पर ध्यान देने लगीं. उन्होंने फिल्मों में करियर बनाने की बजाय अपनी जड़ों से जुड़े संगीत को चुना. यही वजह रही कि इसके बाद उनका नाम किसी बड़े बॉलीवुड गाने के साथ दोबारा सुनाई नहीं दिया.
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