बॉलीवुड में कई ऐसे फिल्ममेकर्स हैं, जिनके लिए फिल्में बनाना एक पैशन हैं. अपने इस पैशन को पूरा करने के लिए उन्होंने अपना सबकुछ दाव पर लगा दिया. उनकी बनाई कई फिल्में हिट हुई और उन्हें अच्छा खासा मुनाफा हुआ. वहीं कई फिल्मों में अपनी तमाम जमा पूंजी लगाकर मेकर्स दिवालिया हो गए. ऐसी ही एक फिल्म हैं, जिसे बनाने के लिए सुपरस्टार मनोज कुमार ने अपना सबकुछ दाव पर लगा दिया. यहां तक की अपना बंगला भी बेच दिया. हालांकि फिल्म रिलीज हुई और कई रिकॉर्ड्स बनाए. यह फिल्म भारतीय सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में से एक बन गई.
सुपरस्टार ने बेच दिया था बंगला
रिपोर्ट्स के अनुसार, मनोज कुमार ने अपनी एक फिल्म को फाइनेंस करने के लिए मुंबई के जुहू में अपना बंगला बेच दिया था. उन्होंने उस जमीन पर एक थिएटर बनाने का सपना देखा था. हालांकि, 1981 की फिल्म 'क्रांति' के लिए उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी बेच दी और खुद ही फिल्म को फाइनेंस किया.
हिट हुई फिल्म
'क्रांति' बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफल रही. इस फिल्म में मनोज कुमार, दिलीप कुमार, शशि कपूर, हेमा मालिनी, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रेम चोपड़ा, परवीन बाबी, सारिका और निरूपा रॉय जैसे बड़े सितारे थे. फिल्म ने उस दौर में अमिताभ बच्चन की शोले का रिकॉर्ड तोड़ दिया था.
हिंदी सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में से एक है क्रांति
'क्रांति' में ब्रिटिश राज के खिलाफ एकजुट हुए क्रांतिकारी किसानों की कहानी दिखाई गई थी. अपने जबरदस्त संगीत और दिल को छू लेने वाले इमोशन्स की वजह से यह फिल्म दर्शकों के दिलों में उतर गई. नतीजतन, 'क्रांति' को हिंदी सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में से एक माना जाता है. मनोज कुमार द्वारा निर्देशित इस फिल्म की कहानी जावेद अख्तर, सलीम खान और खुद निर्देशक ने लिखी थी.
यह फिल्म 13 फरवरी, 1981 को रिलीज हुई थी और सिनेमाघरों में इसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी. यह जल्द ही अपने समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई और इसने कई रिकॉर्ड बनाए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'क्रांति' ने बॉक्स ऑफिस पर 16 करोड़ रुपये कमाए. इस फ़िल्म ने 26 अलग-अलग सेंटर्स में सिल्वर जुबली मनाकर एक शानदार उपलब्धि हासिल की. सिनेमा के इतिहास में बहुत कम फिल्में ही ऐसी हैं, जिन्होंने 25 से ज्यादा सेंटर्स में जुबली मनाने का मील का पत्थर हासिल किया हो.
इन फिल्मों ने मनोज कुमार को बनाया सुपरस्टार
मनोज कुमार हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं.वह 'शहीद', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'मैदान-ए-जंग', 'उपकार', 'पूरब और पश्चिम', 'शोर' और 'मेरा नाम जोकर' जैसी कई सफल फिल्मों का हिस्सा रहे हैं. एक्टर ने 1957 में आई फिल्म 'फैशन' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी, लेकिन 1961 में आई फिल्म 'कांच की गुड़िया' में सईदा खान के साथ निभाए गए उनके किरदार ने उन्हें स्टारडम की ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया.