Main Vaapas Aaunga Review: 95 साल के इश्क और बंटवारे की टीस ने रुलाया, अनुभव सिन्हा ने कहा- हर फ्रेम में है विश्वास

बंटवारे के दर्द और अधूरी मोहब्बत की भावुक कहानी कहती ‘मैं वापस आऊंगा’ ने दर्शकों के साथ-साथ निर्देशक अनुभव सिन्हा का दिल भी जीत लिया.

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मैं वापस आऊंगा रिव्यू

बंटवारे का दर्द, अधूरी मोहब्बत की टीस और उस दर्द को बयां करती नसीरूद्दीन शाह जैसे बाकमाल एक्टर की दमदार अदाकारी. इम्तियाज अली की फिल्म मैं वापस आउंगा ये बयां करती है कि इमोशन्स में गहराई हो और उसे अदा करने का तरीका लाजवाब हो तो जैन जी को भी बिना ग्लैमर वाली फिल्म तक खींच कर लाया जा सकता है. फिल्म बंटवारे की कहानी और एक इश्क की अधूरी दास्तां कहती है, जो दर्शकों को तीन घंटे बांधे रखती है. आम दर्शक तो अपनी जगह फिल्म बनाने की कला को भीतर तक समझने वाले भी इम्तियाज अली की इस फिल्म के कायल हो रहे हैं. जिसमें से एक हैं नामी फिल्म मेकर अनुभव सिन्हा, जो फिल्म देखने के बाद खुद को रोक नहीं सके और एक जज्बाती सा ट्वीट कर डाला.

बंटवारा और अधूरा सा इश्क

अनुभव सिन्हा ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘इम्तियाज, मेरे दोस्त, 'मैं वापस आऊंगा' देखकर बेहद खुश हूं. आपकी फिल्म का हर फ्रेम विश्वास से सराबोर है. ये उन सभी ट्रेंड्स को गलत साबित करता है, जो बताते हैं कि अब दर्शक क्या देखना चाहते हैं. आपकी फिल्म की कहानी ही इसकी आत्मा है. उन्होंने आगे लिखा कि ये सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं है. बल्कि एक कहानीकार और उसके देश के बीच का बेहद गहरा रिश्ता भी है. ट्वीट के आखिर में उन्होंने लिखा, ‘डियर ऑडियंस, ये शायद वही फिल्म है जिसका आप अपने परिवार के साथ थिएटर में इंतजार कर रहे थे. जिंदाबाद दोस्त!'

अतीत की तलाश में निकली एक इमोशनल जर्नी

'मैं वापस आऊंगा' की कहानी 95 साल के ईशर सिंह ग्रेवाल (नसीरुद्दीन शाह) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो डिमेंशिया से जूझ रहे हैं. याददाश्त कमजोर हो चुकी है. लेकिन अपने घर, अपनी मिट्टी और अपने पहले प्यार की यादें अब भी उनके भीतर जिंदा हैं. उनका पोता निर्वैर उर्फ निवी (दिलजीत दोसांझ) दादा की बिखरी हुई बातों को जोड़ने की कोशिश करता है. उस अतीत को समझने की कोशिश करता है जो आज भी उसके दादा की आंखों से आंसू बन कर बह रहे हैं.

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78 साल की कड़ियां जोड़ते जोड़ते कभी इश्क की महक महसूस होती है तो कभी बंटवारे के जख्म का दर्द नजर आता है. नसीरूद्दीन शाह, दिलजीत दोसांझ, शरवरी वाघ ने पूरी कहानी में सिर्फ अपना हुनर ही नहीं अपना दिल भी पूरी तरह से झौंक दिया है, जो दर्शकों के मुंह से तारीफ बन कर छलक रहा है. फिल्म की कुछ कमजोरियां जरूर हैं. लेकिन इसकी कहानी और इमोशन्स दर्शकों के दिल को छू जाता है. शायद यही वजह है कि अनुभव सिन्हा जैसे निर्देशक भी इसे देखकर इमोशनल हो गए और खुले दिल से इसकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए.

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Anubhav Sinha
Main Vaapas Aaunga
Entertainment