साउथ की सबसे रईस एक्ट्रेस, इनकम टैक्स की छापेमारी में डूबी करोड़ों की संपत्ति, तंगहाली में गुजरे दिन, 19 दिन कोमा में रहने के बाद मौत

साउथ सिनेमा की एक ऐसी सुपरस्टार, जिसने कम उम्र में शोहरत की ऊंचाइयों को छू लिया. लेकिन प्यार, धोखे और गलत फैसलों ने उसकी जिंदगी को बिखेर दिया. कभी करोड़ों दिलों पर राज करने वाली ये अदाकारा आखिर में तन्हाई, गरीबी और लंबी बीमारी से जूझती रह गई.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
साउथ की सबसे रईस एक्ट्रेस, कैसानोवा से हुआ प्यार, तंगहाली में गुजरे दिन

साउथ सिनेमा की दुनिया में एक ऐसी अदाकारा रहीं, जिन्होंने बहुत कम उम्र में ही सफलता की ऊंचाइयों को छू लिया था. उनकी मासूमियत भरी मुस्कान और गहरी अदाकारी ने उन्हें लाखों दिलों की धड़कन बना दिया. एक दौर ऐसा था जब हर फिल्म में उनकी मौजूदगी ही सफलता की गारंटी मानी जाती थी और डायरेक्टर और प्रोड्यूसर उनके साथ काम करने के लिए लाइन में खड़े रहते थे. लेकिन पर्दे पर चमकती इस जिंदगी के पीछे एक ऐसी कहानी छिपी थी, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं. प्यार में लिए गए फैसले, रिश्तों की उलझनें और हालात के थपेड़ों ने धीरे-धीरे उनकी जिंदगी को बदल दिया. जो कभी शोहरत और दौलत की मलिका थीं, वही वक्त के साथ अकेलेपन, संघर्ष और दर्द में घिरती चली गईं. एक वक्त ऐसा भी आया जब सबकुछ होते हुए भी उसके पास कुछ नहीं बचा.

ये भी पढ़ें: साढ़े तीन साल तक सिनेमाघरों में चली थी ये फिल्म, नेहरू और गांधी ने भी की थी तारीफ, बनी पहली हिंदी ब्लॉकबस्टर

सुपरस्टार से संघर्ष तक का सफर

हम बात कर रहे हैं सावित्री की, जिन्हें साउथ सिनेमा में महानती के नाम से जाना जाता है. महानती सावित्री ने बहुत कम उम्र में ही फिल्मों में अपनी पहचान बना ली थी. 1952 में फिल्म ‘पेल्ली चेसी चूडू' से उन्हें पहचान मिली. लेकिन ‘देवदास' ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया. 50 और 60 के दशक में उनका ऐसा दबदबा था कि वो साउथ सिनेमा की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस बन गईं. उन्होंने तेलुगू, तमिल, कन्नड़, मलयालम और हिंदी, कई भाषाओं में 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. ‘मायाबाजार' जैसी फिल्में आज भी उनकी बेहतरीन अदाकारी की मिसाल मानी जाती हैं. लेकिन इस कामयाबी के बीच उनकी पर्सनल लाइफ उलझती चली गई. जेमिनी गणेशन से उनका रिश्ता हमेशा विवादों में रहा. वो पहले से शादीशुदा थे और उनके कई अफेयर्स भी थे. इसके बावजूद सावित्री ने उनसे शादी की, जिसका असर धीरे-धीरे उनके करियर और मेंटल हेल्थ पर दिखने लगा.

तन्हाई, गरीबी और लंबा कोमा

1960 के बाद सावित्री का करियर ढलान पर आने लगा. उनकी फिल्में फ्लॉप होने लगीं और उन्होंने निर्देशन में भी हाथ आजमाया. लेकिन वहां भी कामयाबी नहीं मिली. 1970 के दशक में इनकम टैक्स की कार्रवाई में उनकी संपत्तियां जब्त हो गईं. एक समय की सुपरस्टार को किराए के छोटे घर में रहना पड़ा और छोटे-छोटे रोल करके गुजारा करना पड़ा. इस मुश्किल दौर में उन्होंने शराब का सहारा लिया. जिसने उनकी सेहत को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया. मई 1980 में वो बेहोश हो गईं और कोमा में चली गईं. करीब 19 महीने तक वो इसी हालत में रहीं. आखिरकार 26 दिसंबर 1981 को उनका निधन हो गया. 

Advertisement

Featured Video Of The Day
NDTV Yuva 2026: युवाओं के सपनों को मिला बड़ा मंच | Sanya Malhotra | Chitrangada | NDTV India