37 पहले हिंदी सिनेमा में एक गाना आया था. जो प्यार करने वालों के जुबान पर छा गया था. इस गाने में इश्क की मिठास और महबूब का इंतजार देखने को मिलता है. 37 साल पहले जब यह गाना आया है आते ही हिट हो गया था. इस गाने का नाम 'कबूतर जा जा जा' है. यह गाना साल 1989 में आई फिल्म मैंने प्यार किया का है. 'कबूतर जा जा जा' गाना पहले प्यार की विरह और संदेश भेजने की मासूमियत को बेहद खूबसूरती से बयां करता है.
सलमान खान और भाग्यश्री का गाना
सलमान खान और भाग्यश्री की जोड़ी, लता मंगेशकर और एस.पी. बालासुब्रमण्यम की मधुर आवाज़ों में राम-लक्ष्मण का संगीत, और असद भोपाली के बोलों ने इस गीत को पीढ़ियों का पसंदीदा बना दिया. सफेद कबूतर “हैंडसम” के जरिए चिट्ठी भेजने का सीन आज भी फैंस के दिलों में बसा है. फिल्म ने न सिर्फ सलमान को सुपरस्टार बनाया बल्कि राजश्री प्रोडक्शंस को भी नया जीवन दिया.
गीत का निर्माण और संगीत
निर्देशक सूरज बारजात्या ने एक इंटरव्यू में बताया था कि शुरू में कोई कबूतर वाला गीत नहीं था. स्थिति ऐसी थी कि 'लव' शब्द से बचते हुए संदेश पहुंचाना था. उन्होंने गीतकार देव कोहली से कहा कि कमरे में कबूतर है और लड़की की प्यार और उसकी यादें, फिर गीत बना. संगीत राम-लक्ष्मण ने दिया. गायन लता मंगेशकर और एस.पी. बालासुब्रमण्यम ने किया. लता जी ने फिल्म के कई गाने एक ही दिन में रिकॉर्ड किए थे क्योंकि उन्हें विदेश जाना था. गीत में पहली प्यार की चिट्ठी कबूतर से भेजने का अनुरोध है, जो मासूमियत का प्रतीक बन गया.
फिल्म की कास्ट, बॉक्स ऑफिस और ट्रिविया
फिल्म में सलमान खान (प्रेम), भाग्यश्री (सुमन), अलोक नाथ, रीमा लागू, मोहनीश बहल, लक्ष्मीकांत बर्डे और अन्य थे. भाग्यश्री को सलमान से ज्यादा फीस मिली थी. बजट करीब 1-2 करोड़ था. यह 29 दिसंबर 1989 को महज 29 प्रिंट्स पर रिलीज हुई और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर बनी. यह 1980 के दशक की सबसे ज्यादा कमाई वाली भारतीय फिल्मों में शामिल है फिल्मफेयर में बेस्ट फिल्म समेत कई पुरस्कार मिले.
गीत की विरासत और प्रभाव
यह गीत सिर्फ रोमांस नहीं, बल्कि दोस्ती से प्यार में बदलते रिश्ते का प्रतीक है. फिल्म के गाने पूरे दशक के बेस्ट सेलिंग साउंडट्रैक में रहे. कबूतर जा जा जा आज भी पुरानी यादों को ताजा करता है और युवाओं को पहले प्यार की मिठास याद दिलाता है. राजश्री की सादगी भरी स्टोरी और इस गीत ने हिंदी सिनेमा में मासूम रोमांस का नया अध्याय लिखा, जो दशकों बाद भी जीवित है.