साउथ की फिल्मों के तो कहने ही क्या. फिर अगर ये फिल्म मलयालम इंडस्ट्री से हो तो इसमें कुछ नया दिखेगा ही, ये तो गारंटी है. ऐसी ही एक फिल्म प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई है. ये फिल्म केरल-तमिलनाडु सीमा के एक गांव पर आधारित है. इसमें एक ऐसे पुलिसवाले की कहानी है जो बदला लेने के लिए चोर बन जाता है और फिर उसे चोरी की लत लग जाती है. ये मलयालम फिल्म ओटीटी पर हिंदी में आ गई है. फिल्म का नाम है कूमन. फिल्म का निर्देशन जीतू जोसेफ ने किया है. फिल्म साल 2022 में रिलीज हुई थी.
‘कूमन' का मतलब मलयालम में उल्लू होता है, रात में जागने वाला और सब कुछ देखने वाला. फिल्म का शीर्षक भी किरदार की रात की गतिविधियों और उसकी पैनी नजर की ओर इशारा करता है.
पुलिसवाला बना चोर, लगी डाके डालने की लत
प्राइम वीडियो पर आई मूवी कूमन की कहानी गिरि शंकर की है, जिसे आसिफ अली ने निभाया है. गिरि सीपीओ (सिविल पुलिस ऑफिसर) है, जो अपने गांव के थाने में तैनात है. वो होशियार और निरीक्षण के काम में माहिर है. सीनियर अधिकारी उसकी काबिलियत की तारीफ करते हैं, लेकिन साथी कॉन्स्टेबल और गांववाले उसे नजरअंदाज और मजाक बनाते हैं. एक अपमानजनक घटना के बाद गिरि बदला लेने का फैसला करता है. वह एक अनुभवी चोर मणियन (जाफर इडुक्की) की मदद लेता है और चोरी के गुर सीखता है.
रात के अंधेरे में गिरि डाके डालना शुरू कर देता है. शुरुआत में यह बदला लेने का तरीका था, लेकिन धीरे-धीरे उसे चोरी की लत लग जाती है. वह पड़ोसियों और अन्य लोगों के घरों में सेंधमारी करने लगता है. ये घटनाएं थाने को हिला देती हैं और कुछ अधिकारियों को सस्पेंड भी होना पड़ता है. यह हिस्सा बांधे रखता है. इसी बीच गांव में कुछ मौतें भी होती हैं. इस तरह फिल्म आखिर में जो मोड़ लेती है वो चौंकाने वाला होता है.
गिरि की डाके डालने की लत का क्या होता है, ये भी आपको फिल्म देखकर ही पता चलेगा. दृश्यम जैसी फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर जीतू जोसेफ यहां भी अपनी सिग्नेचर स्टाइल में सस्पेंस और ट्विस्ट्स का इस्तेमाल करते हैं. फिल्म में रेन्जी पणिक्कर, बाबूराज और हन्ना रेजी कोशी भी हैं. आसिफ अली की एक्टिंग कमाल की है.
कूमन बजट और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
फिल्म 2022 में थिएटरों में रिलीज हुई थी. फिल्म का बजट लगभग 5 करोड़ रुपये था लेकिन इसने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. आईएमडीबी पर इसकी रेटिंग 7.3 है. ग्रामीण सेटिंग, मनोवैज्ञानिक पहलू और रहस्यमय प्लॉट ने इसे अलग एकदम बनाया. फिल्म लगभग 2 घंटे 30 मिनट लंबी है और सस्पेंस, ड्रामा तथा थ्रिलर का मजेदार कॉकटेल है. पुलिस और चोरों पर कुछ हटकर देखना चाहते हैं, ये एकदम परफेक्ट चॉयस हो सकती है.