Kirti Kulhari OId Video: एक्ट्रेस कृति कुल्हारी का इन दिनों एक इंटरव्यू सामने आया है. उनकी इंटरव्यू के वीडियो को Uncut India नाम से सोशल मीडिया पेज पर शेयर किया गया है. वीडियो में कृति कुल्हारी ने खुलासा किया है कि हाउस हेल्प ने उनसे महीने में दो घंटे काम करने के 10 हजार रुपये चार्ज किए थे. जिस पर उन्होंने सवाल उठाया. यह वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में हाउस हेल्प की मजदूरी को लेकर बहस छिड़ गई. हालांकि कृति कुल्हारी के इस वीडियो का सच कुछ और ही है.
कब शूट हुआ ये वीडियो?
दरअसल NDTV.IN ने जब उनके इस पुराने इंटरव्यू की पड़ताल की तो सामने आया है कि कृति कुल्हारी ने 15 महीने पहले बॉलीवुड बबल को यह इंटरव्यू दिया था. जिसमें कृति ने बताया कि उन्होंने हाल ही में यारी रोड पर नया घर लिया है. वहां कुक और मेड के रेट सुनकर उन्हें हैरानी हुई. कृति ने कहा, "दो घंटे में झाड़ू-पोछा, बर्तन, डस्टिंग, कपड़े धोना जैसा काम करने के लिए 10 हजार रुपये? वो अपने हिसाब से जितना काम हो सके कर रही थीं." कृति ने आगे कहा था कि उन्हें लगा जैसे उनकी हैसियत देखकर ज्यादा पैसे मांगे जा रहे हैं. उन्होंने अपनी मैनेजर से भी इस बारे में चर्चा की थी.
ये भी पढ़ें: मिर्जापुर के गुड्डू भैया 'राख' सीरीज में बने पुलिस अफसर, सुलझाएंगे 2 बच्चों के कत्ल की गुत्थी
कृति का लेटेस्ट वीडियो नहीं
अब कई मीडिया हाउस कृति कुल्हारी के इस इंटरव्यू को लेटेस्ट समझकर चला रहे हैं. जिसके बाद कमेंट्स में लोगों ने कृति के बयान पर नाराजगी जताई. कई यूजर्स ने कहा कि शहरों में महंगाई के इस दौर में हाउस हेल्प को इतना कम पैसा देना उचित नहीं है. एक यूजर ने लिखा कि 10 हजार रुपये तो बहुत कम हैं, खासकर मुंबई जैसे महंगे शहर में. कृति का इंटरव्यू करने वाले अविनाश पाल से जब बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि यह तो फरवरी 2025 में किया गया था.
मिनी माथुर ने किया कमेंट
मिनी माथुर ने भी इस बहस में अपनी राय दी. टीवी होस्ट और एक्ट्रेस मिनी ने लिखा, "सोचिए कि उनकी दो घंटे की मेहनत हमें दो घंटे में कितना कमाने में मदद करती है. यह दुनिया के किसी भी हिस्से में न्यूनतम मजदूरी से भी कम है."
सोशल मीडिया पर आए रिएक्शन
यह मुद्दा सिर्फ कृति तक सीमित नहीं रहा. सोशल मीडिया पर लोग हाउस हेल्प की स्थिति, उनकी मेहनत और उचित वेतन पर चर्चा कर रहे हैं. कई लोगों ने कहा कि कामगार सुबह जल्दी आते हैं, पूरे घर का काम संभालते हैं और फिर दूसरे घरों में भी काम करते हैं. ऐसे में उनकी मजदूरी बढ़ाना जरूरी है.
दूसरी तरफ कुछ लोगों ने कृति का पक्ष लिया. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी आय के हिसाब से खर्च का फैसला करना चाहिए. लेकिन ज्यादातर राय इस बात पर थी कि हाउस हेल्प की मेहनत को कम आंकना सही नहीं.