भारतीय सिनेमा के ऐसे कई किरदार हैं जिन्हें आप भुला नहीं सकते. उन किरदारों को परदे पर देख लें तो कहेंगे कि भाई 46 साल पहले जब सीजीआई और वीएफएक्स का भारत में दौर नहीं था तो इसने ये किरदार कैसे निभा लिया. 1989 में इस फिल्म में हीरो किरदार की खातिर घुटनों में जूते पहनकर चलता नजर आया था. यही नहीं, ये फिल्म उत्तर भारत में सिर्फ 50 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई थी और इसमें लगभग 50 लाख रुपये का कारोबार किया था. क्या आप जानते हैं इस फिल्म का नाम और कौन है ये सुपरस्टार?
जानते हैं डबल रोल वाली इस फिल्म का नाम
नहीं तो हम आपके सारे सवालों के जवाब देते हैं. हम बात कर रहे हैं फिल्म 'अपूर्वा सगोधरारगल' की. फिल्म 14 अप्रैल 1989 में रिलीज हुई थी. इस तमिल फिल्म का निर्देश संगीतम श्रीनिवास राव ने किया था. फिल्म में कमल हासन डबल रोल में थे जबकि उनके साथ जयशंकर नागेश गौतमी, रुपिनी, मनोरमा, श्रीविद्या और नासर थे. फिल्म ने थिएटर्स में 200 दिन पूरे किए थे और उस साल की तमिल की सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म भी थी.
हिंदी में 50 स्क्रीन पर रिलीज, 50 लाख कमाए
ये फिल्म तेलुगू में भी डब हुई थी. जब इसको हिंदी में रिलीज किया गया तो इसे नाम दिया गया अप्पू 'राजा'. अप्पू राजा को उत्तर भारत में 50 स्क्रीन पर रिलीज किया था और इसने बॉक्स ऑफिस पर 50 लाख रुपये कमाए थे. फिल्म के गाने काफी पॉपुलर हुए थे लेकिन फिल्म दर्शकों के बीच कोई खास चमत्कार नहीं कर सकी.
आखिर घुटनों में जूते पहनकर क्यों चला था हीरो?
फिल्म में कमल हासन ने डबल रोल किया था. एक रोल में वह बौने का किरदार निभा रहे थे. जिस वजह से उन्हें पूरी फिल्म में घुटनों के बल चलना था. इसके लिए खास जूते भी तैयार किए गए थे. उस तरह टांगों को पीछे की ओर बांधना था. डॉक्टरों ने कमल हासन को इसके रिस्क के बारे में बता दिया था कि वह इस तरह से अपने चलने की ताकत खो सकते हैं. लेकिन रोल के लिए किसी भी हद तक गुजरने वाले कमल हासन ने इस रोल को किया और इतिहास रच डाला.