हिंदी सिनेमा के कई ऐसे गीत हैं जो सिर्फ अपनी धुन या आवाज की वजह से नहीं, बल्कि उनके पीछे छिपी कहानियों के कारण भी याद किए जाते हैं. ऐसी ही एक गजल है ‘तुमको देखा तो ये ख्याल आया', जिसे सुनते ही आज भी लोगों के दिलों में रोमांस और पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं. इस कालजयी गजल को मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने लिखा था, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसके जन्म की कहानी भी किसी फिल्मी किस्से से कम नहीं है. खुद जावेद अख्तर ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया था कि यह गीत उन्होंने महज 9 मिनट में लिखा था और उस समय वह कई पैग शराब पी चुके थे.
जब एक असिस्टेंट रोज पहुंच जाता था गाने की फरमाइश लेकर
जावेद अख्तर ने एक कार्यक्रम में बताया था कि फिल्म ‘साथ साथ' के लिए उन्हें गीत लिखने का प्रस्ताव मिला था. उस समय फिल्म की टीम का एक युवा सहायक निर्देशक लगातार उनसे संपर्क करता था और गाने की मांग करता रहता था. जावेद के अनुसार, वह लड़का रोज उनके पास आता, बातें होतीं, महफिल जमती, लेकिन गीत लिखने की बात हर बार टल जाती.
उन दिनों जावेद अख्तर शराब पीने की आदत के बारे में खुलकर बात करते रहे हैं. उन्होंने बताया कि अक्सर देर रात तक बैठकी चलती रहती थी और गाना लिखने का काम अगले दिन पर टल जाता था. लेकिन वह सहायक हार मानने वालों में से नहीं था और रोज उनसे गीत मांगने पहुंच जाता था.
रात के 2 बजे, 8-9 पैग और सिर्फ 9 मिनट
एक रात आखिरकार उस सहायक ने जिद कर दी कि अब गाना चाहिए ही चाहिए. जावेद अख्तर के मुताबिक उस समय रात के करीब 2 बज रहे थे और वह 8 या 9 पैग पी चुके थे. तभी उन्होंने कागज और पेन मंगवाया और लिखना शुरू कर दिया. सबसे दिलचस्प बात यह थी कि सामने बैठा वह युवक अपनी आखिरी ट्रेन पकड़ने की जल्दी में बार-बार घड़ी देख रहा था. यही वजह थी कि जावेद ने बिना ज्यादा सोच-विचार किए तेजी से गीत पूरा कर दिया. उन्होंने बताया कि महज 9 मिनट के भीतर गजल तैयार हो गई और उन्होंने उसे सौंप दिया.
जगजीत सिंह की आवाज ने बना दिया अमर
बाद में इस गजल को मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह और चित्रा सिंह ने अपनी आवाज दी. फिल्म ‘साथ साथ' में यह गीत फारूख शेख और दीप्ति नवल पर फिल्माया गया था. रिलीज के बाद यह गजल इतनी लोकप्रिय हुई कि समय के साथ इसकी पहचान फिल्म से भी बड़ी हो गई.
आज भी ‘तुमको देखा तो ये ख्याल आया' को हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत रोमांटिक गजलों में गिना जाता है. यूट्यूब और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इसे करोड़ों बार सुना जा चुका है. दिलचस्प बात यह है कि जिसे जावेद अख्तर ने जल्दबाजी और नशे की हालत में लिखा था, वही गीत आगे चलकर उनकी सबसे चर्चित रचनाओं में शामिल हो गया.