2004 में यश चोपड़ा ने पर्दे पर ऐसी प्रेम कहानी उतारी, जिसमें प्यार के सामने सरहदें भी छोटी पड़ गईं. फिल्म थी ‘वीर-जारा', जिसमें शाहरुख खान ने भारतीय वायुसेना के अधिकारी वीर प्रताप सिंह और प्रिटी जिंटा ने पाकिस्तानी लड़की जारा हयात खान का किरदार निभाया. कहानी की शुरुआत होती है एक ऐसे वीर से, जो दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालता है. एक दिन उसकी मुलाकात पाकिस्तान से भारत आई जारा से होती है. एक हादसे के बाद वीर उसकी मदद करता है और यहीं से दोनों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाती है. लेकिन यह प्यार जितना खूबसूरत था, उसकी राह उतनी ही मुश्किल थी.
एक हादसा और दो अजनबियों के बीच शुरू हुई मोहब्बत
फिल्म में जारा अपनी बेबे की आखिरी इच्छा पूरी करने भारत आई होती है. रास्ते में उसके बस का एक्सीडेंट हो जाता है और वह एक अनजान देश में फंस जाती है. भारतीय वायुसेना के रेस्क्यू पायलट वीर प्रताप सिंह उसकी मदद करता है. धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के करीब आते हैं और दोस्ती कब प्यार में बदल जाती है, उन्हें खुद पता नहीं चलता. वीर जारा को उसके घर पाकिस्तान तक छोड़ने का फैसला करता है. लेकिन पाकिस्तान पहुंचने के बाद उसे पता चलता है कि जारा की शादी कहीं और तय है. इसके बावजूद दोनों का प्यार कम नहीं होता.
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प्यार के बदले वीर ने चुनी कुर्बानी
जारा के परिवार और उसके होने वाले पति रजा के सामने जब वीर और जारा का प्यार आता है, तो हालात बिगड़ जाते हैं. वीर जारा को अपने साथ भारत ले जाना चाहता है, लेकिन जारा अपने परिवार की इज्जत और पिता की भावनाओं के बीच फंस जाती है. कहानी में ऐसा मोड़ आता है जब वीर जारा की जिंदगी और सम्मान बचाने के लिए खुद को कुर्बान कर देता है. वह पाकिस्तान की जेल में पहुंच जाता है और वहां 22 साल तक कैद रहता है. सबसे हैरान करने वाली बात यह होती है कि वीर इतने लंबे समय तक किसी से कुछ नहीं कहता. वह चुप रहता है और अपने प्यार का राज अपने सीने में दबाए रखता है.
22 साल बाद खुला मोहब्बत का राज
कहानी फिर 22 साल आगे बढ़ती है, जहां पाकिस्तानी वकील सामिया सिद्दीकी अपने करियर का पहला केस लड़ने के लिए वीर से मिलती है. वह जेल में बंद इस बूढ़े कैदी की खामोशी के पीछे छिपी कहानी जानना चाहती है. धीरे-धीरे उसे वीर और जारा की मोहब्बत की पूरी सच्चाई पता चलती है. सामिया की कोशिश से वीर की जिंदगी का सच दुनिया के सामने आता है और यह सवाल भी सामने आता है कि आखिर ज़ारा ने इतने साल क्या किया.
फिल्म में रानी मुखर्जी ने सामिया का किरदार निभाया था, जबकि किरण खेर, दिव्या दत्ता, बोमन ईरानी और अनुपम खेर भी अहम भूमिकाओं में थे. अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी ने विशेष भूमिकाएं निभाईं. फिल्म 12 नवंबर 2004 को रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक करीब 23 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म ने भारत में लगभग 60.65 करोड़ और दुनियाभर में करीब 97.64 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया. इसे सुपरहिट घोषित किया गया.
फिल्म का संगीत दिवंगत मदन मोहन की पुरानी और अप्रकाशित धुनों पर उनके बेटे संजीव कोहली ने तैयार किया था, जबकि गीत जावेद अख्तर ने लिखे. ‘तेरे लिए', ‘मैं यहां हूं', ‘ऐसा देश है मेरा' और ‘ये हम आ गए हैं कहां' जैसे गीत आज भी इस प्रेम कहानी की पहचान हैं. इस फिल्म के सभी गाने हिट हुए थे और अधिकतर में लता मंगेशकर की आवाज गूंजी थी.