
FIFA World Cup 2018 पर Google ने बनाया Doodle. फुटबॉल विश्व कप (वर्ल्ड कप २०१८) को लेकर क्रेज सातवें आसमान पर
नई दिल्ली:
World Cup 2018 (फुटबॉल र्ल्ड कप २०१८) का आज से रूस में आगाज हो रहा है, और गूगल ने World Cup 2018 (वर्ल्ड कप २०१८) - Day 1 शीर्षक से डूडल बनाया है. फुटबॉल विश्व कप 2018 रूस (Russia) में हो रहा है, और 32 देश इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं. फुटबॉल विश्व कप 14 जून को शुरू हो गया है और 15 जुलाई तक चलेगा. FIFA World Cup 2022 (विश्व कप २०१८)) कतर में होगा जबकि FIFA World Cup 2026 का आयोजन संयुक्त रूप से अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में होगा. वर्ल्ड कप 2018 में ब्राजील के नेमार, स्पेन के आइसको, जर्मनी के टोनी क्रूस, अर्जेंटीना के लियोनल मेस्सी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर नजरें रहेंगी. फीफा वर्ल्ड कप 2018 (वर्ल्ड कप २०१८) में 11 शहरों के 12 स्टेडियम पर 64 मैच खेले जाएंगे. आइसलैंड (Iceland) और पनामा (Panama) पहली बार फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने जा रहे हैं. वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला 15 जुलाई को मास्को के लुजनिका स्टेडियम में खेला जाएगा.
फुटबॉल पर बनी फिल्म 'बेंड इट लाइक बेकहम' का ट्रेलर
फीफा फुटबॉल विश्व कप (वर्ल्ड कप २०१८) के इस सीजन में फुटबॉल को लेकर बनी फिल्मों का जिक्र एक बार फिर छिड़ गया है, और अनिल कपूर की 'साहेब (1985)', जॉन अब्राहम की 'धन धना धन गोल (2007)' और 'सिकंदर (2009)' जैसी फिल्में बन चुकी हैं. इन फिल्मों फुटबॉल के किसी खिलाड़ी की जिंदगी को विषय नहीं बनाया गया है बल्कि फुटबॉल का जुनून फोकस में रहा है. हालांकि इन फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर उस तरह से कामयाबी हासिल नहीं हो सकी.
पुर्तगाल के फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर बनी डॉक्युमेंट्री
हॉलीवुड ने फुटबॉल को लेकर कई फिल्में बनाई हैं जिनमें 'बेंड इट लाइक बेकहम (2002)' फिल्म का जिक्र सबसे पहले आता है. गुरिंदर चड्ढा की ये फिल्म एक भारतीय लड़की के फुटबॉल के जुनून को दिखाती है, फिल्म बताती है कि किस तरह एक भारतीय मूल की लड़की ब्रिटिश फुटबॉल में अपनी पहचान बनाती है और अपने घरवालों के साथ संघर्ष भी करती है. पुर्तगाल के लेजंडरी खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) की जिंदगी पर 'रोनाल्डो (2015)' टाइटल से डॉक्युमेंट्री बन चुकी है. जिसमें उनकी जिंदगी को दिखाया गया है. बताया जाता है कि रोनाल्डो का नाम अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के नाम पर रखा गया था.
इस फिल्म में ब्राजील के फुटबॉल खिलाड़ी पेले की जिंदगी की मिलती है झलक
ब्राजील के फुटबॉल लेजंड पेले की शुरुआती लाइफ पर आधारित है 'पेलेः बर्थ ऑफ लेजंड (2016).' इस फिल्म में दिखा गया है कि किस तरह से अपने हालात से मुकाबला करते हुए पेले ने फुटबॉल की दुनिया में अपना नाम रोशन किया और उन्हें फुटबॉल की दुनिया का भगवान का दर्जा तक हासिल है. पेले फॉरवर्ड के तौर पर खेलते थे. 'गोल! (2005)' की कहानी एक लड़के की है जिसे अपने जुनून और हालात में से एक को चुनना होता है. सैंटियागो को फुटबॉल का शौक है लेकिन पिता चाहते हैं कि वह काम करके आर्थिक रूप से परिवार की मदद करे. ये स्पोर्ट्स ड्रामा बहुत ही इंटेंस है.
...और भी हैं बॉलीवुड से जुड़ी ढेरों ख़बरें...
फुटबॉल पर बनी फिल्म 'बेंड इट लाइक बेकहम' का ट्रेलर
फीफा फुटबॉल विश्व कप (वर्ल्ड कप २०१८) के इस सीजन में फुटबॉल को लेकर बनी फिल्मों का जिक्र एक बार फिर छिड़ गया है, और अनिल कपूर की 'साहेब (1985)', जॉन अब्राहम की 'धन धना धन गोल (2007)' और 'सिकंदर (2009)' जैसी फिल्में बन चुकी हैं. इन फिल्मों फुटबॉल के किसी खिलाड़ी की जिंदगी को विषय नहीं बनाया गया है बल्कि फुटबॉल का जुनून फोकस में रहा है. हालांकि इन फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर उस तरह से कामयाबी हासिल नहीं हो सकी.
पुर्तगाल के फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर बनी डॉक्युमेंट्री
हॉलीवुड ने फुटबॉल को लेकर कई फिल्में बनाई हैं जिनमें 'बेंड इट लाइक बेकहम (2002)' फिल्म का जिक्र सबसे पहले आता है. गुरिंदर चड्ढा की ये फिल्म एक भारतीय लड़की के फुटबॉल के जुनून को दिखाती है, फिल्म बताती है कि किस तरह एक भारतीय मूल की लड़की ब्रिटिश फुटबॉल में अपनी पहचान बनाती है और अपने घरवालों के साथ संघर्ष भी करती है. पुर्तगाल के लेजंडरी खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) की जिंदगी पर 'रोनाल्डो (2015)' टाइटल से डॉक्युमेंट्री बन चुकी है. जिसमें उनकी जिंदगी को दिखाया गया है. बताया जाता है कि रोनाल्डो का नाम अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के नाम पर रखा गया था.
इस फिल्म में ब्राजील के फुटबॉल खिलाड़ी पेले की जिंदगी की मिलती है झलक
ब्राजील के फुटबॉल लेजंड पेले की शुरुआती लाइफ पर आधारित है 'पेलेः बर्थ ऑफ लेजंड (2016).' इस फिल्म में दिखा गया है कि किस तरह से अपने हालात से मुकाबला करते हुए पेले ने फुटबॉल की दुनिया में अपना नाम रोशन किया और उन्हें फुटबॉल की दुनिया का भगवान का दर्जा तक हासिल है. पेले फॉरवर्ड के तौर पर खेलते थे. 'गोल! (2005)' की कहानी एक लड़के की है जिसे अपने जुनून और हालात में से एक को चुनना होता है. सैंटियागो को फुटबॉल का शौक है लेकिन पिता चाहते हैं कि वह काम करके आर्थिक रूप से परिवार की मदद करे. ये स्पोर्ट्स ड्रामा बहुत ही इंटेंस है.
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