लाइट, कैमरा और एक्शन के पीछे सिर्फ कलाकारों और निर्देशकों की मेहनत नहीं होती, बल्कि एक निर्माता का बड़ा योगदान भी होता है. फिल्म बनाने के लिए कहानी, कलाकार और तकनीक के साथ सबसे जरूरी होता है पैसा, जिसका इंतजाम प्रोड्यूसर करता है. हिंदी सिनेमा में ऐसे ही एक मशहूर निर्माता थे यश जौहर, जिन्होंने साल 1976 में धर्मा प्रोडक्शंस की नींव रखी. उनकी फिल्मों में भव्य सेट, विदेशी लोकेशन और भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई देती थी. आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. बाद में बेटे करण जौहर की एक फिल्म ने धर्मा प्रोडक्शंस की किस्मत बदल दी.
फोटोग्राफर से फिल्म निर्माता बनने तक का सफर
यश जौहर का जन्म 6 सितंबर 1929 को लाहौर के एक पंजाबी परिवार में हुआ था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1950 के दशक में एक फोटोग्राफर के तौर पर की. साल 1951 में आई फिल्म ‘बादल' से उन्हें फिल्मी दुनिया में काम करने का मौका मिला.
इसके बाद उन्होंने शशधर मुखर्जी की प्रोडक्शन कंपनी फिल्मिस्तान में काम किया. साल 1960 में आई फिल्म ‘लव इन शिमला' में वह प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव थे. बाद में वह सुनील दत्त के प्रोडक्शन हाउस अजंता आर्ट्स से जुड़े. उन्होंने देव आनंद की नवकेतन फिल्म्स के साथ भी काम किया और ‘ज्वेल थीफ', ‘प्रेम पुजारी' और ‘हरे रामा हरे कृष्णा' जैसी फिल्मों का प्रोडक्शन संभाला.
1976 में रखी धर्मा प्रोडक्शंस की नींव
अपने अनुभव के बाद यश जौहर ने साल 1976 में धर्मा प्रोडक्शंस की शुरुआत की. इस बैनर की पहली फिल्म ‘दोस्ताना' थी, जिसमें अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में नजर आए थे. सलीम-जावेद की लिखी इस फिल्म को दर्शकों ने खूब पसंद किया और यह बॉक्स ऑफिस पर सफल रही. इसके बाद धर्मा प्रोडक्शंस के तहत ‘दुनिया', ‘अग्निपथ', ‘गुमराह' और ‘डुप्लिकेट' जैसी फिल्में बनाई गईं. हालांकि, इस दौरान कंपनी को आर्थिक नुकसान का सामना भी करना पड़ा. मुश्किल दौर में यश जौहर के बेटे करण जौहर ने प्रोडक्शन की कमान संभाली.
‘कुछ कुछ होता है' ने बदल दी कंपनी की किस्मत
साल 1998 में करण जौहर ने फिल्म ‘कुछ कुछ होता है' से बतौर निर्देशक शुरुआत की. फिल्म में शाहरुख खान, काजोल, रानी मुखर्जी और सलमान खान नजर आए. यह फिल्म दर्शकों के बीच जबरदस्त हिट रही और घरेलू के साथ-साथ विदेशी बाजार में भी खूब कमाई की.
इसके बाद धर्मा प्रोडक्शंस ने ‘कभी खुशी कभी गम', ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी' और ‘कल हो ना हो' जैसी फिल्मों का निर्माण किया. ‘कल हो ना हो' यश जौहर की आखिरी फिल्म थी. उन्होंने फिल्म निर्माता बीआर चोपड़ा और यश चोपड़ा की बहन हीरू जौहर से शादी की थी.
26 जून 2004 को मुंबई में यश जौहर का निधन हो गया. हालांकि, उनकी बनाई धर्मा प्रोडक्शंस आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित प्रोडक्शन हाउस में शामिल है. धर्मा प्रोडक्शंस आज लगभग 2,000 करोड़ रुपये का प्रोडक्शन हाउस बन चुका है.