बॉलीवुड में कुछ परिवार ऐसे हैं जिनका फिल्मों से रिश्ता कई पीढ़ियों पुराना रहा है. इमरान हाशमी को आज लोग उनके अलग अंदाज, रोमांटिक फिल्मों और शानदार एक्टिंग के लिए जानते हैं, लेकिन उनकी फैमिली का फिल्मी कनेक्शन उनसे भी काफी पुराना है. खास बात ये है कि इमरान की दादी खुद अपने जमाने की जानी-मानी एक्ट्रेस थीं. 40 के दशक में उनकी खूबसूरती और एक्टिंग की खूब चर्चा होती थी और उनकी तुलना उस दौर की मशहूर अभिनेत्रियों मधुबाला और नरगिस से तक की जाती थी.
इमरान की दादी थीं अपने दौर की स्टार
इमरान हाशमी की दादी का नाम मेहर बानो बताया जाता है, जिन्हें फिल्मों में पूर्णिमा दास वर्मा के नाम से पहचान मिली. उन्होंने बेहद कम उम्र में फिल्मों की दुनिया में कदम रखा था. जब वह स्कूल में पढ़ती थीं, तब उनके पड़ोसी रहमान बी. देसाई ने उन्हें एक गुजराती फिल्म में काम करने का मौका दिलाया था. इस फिल्म में उन्होंने राधा का किरदार निभाया था. इसके बाद उनका फिल्मी सफर आगे बढ़ता गया.
मधुबाला और नरगिस से होती थी तुलना
पूर्णिमा अपने दौर की खूबसूरत अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं. उनकी खूबसूरती, चेहरे के भाव और स्क्रीन पर मौजूदगी लोगों को काफी पसंद आती थी. 40 और 50 के दशक में उन्हें आधी नरगिस और आधी मधुबाला तक कहा जाता था. उन्होंने पतंगा, जोगन, सगाई, जाल, औरत, मेरा गांव मेरा देश, जंजीर और नाम जैसी फिल्मों में काम किया. साल 1949 में आई फिल्म पतंगा ने उनकी पहचान को और मजबूत किया.
पड़ोसी ने बनाया था फिल्मी दुनिया का रास्ता
पूर्णिमा दास वर्मा ने सिर्फ 16 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखा था. उनके पड़ोसी ने उनकी खूबसूरती और टैलेंट को पहचाना और उन्हें फिल्म में काम करने का मौका मिला. छोटी उम्र में शुरू हुआ ये सफर आगे चलकर उन्हें बड़ी अभिनेत्री बना गया.
दो शादियां और इमरान से खास रिश्ता
पूर्णिमा ने अपनी जिंदगी में दो शादियां की थीं. उनकी पहली शादी सैयद शौकत हाशमी से हुई थी, जिनसे उन्हें एक बेटा अनवर हाशमी हुआ. बाद में 1954 में उन्होंने भगवान दास वर्मा से शादी की. इमरान हाशमी उनके पोते हैं और पूर्णिमा को इस रिश्ते पर काफी गर्व था. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्हें अपने पोते के एक्टर बनने की खुशी है. आज जब लोग उन्हें इमरान हाशमी की दादी के नाम से जानते हैं, तो इसके पीछे खुद एक फिल्मी सितारे की दिलचस्प कहानी छिपी है.