धुरंधर में मेजर इकबाल के किरदार में छाए एक्टर अर्जुन रामपाल एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं, जिसका कारण उनकी धांसू किरदार में वापसी है. हाल ही में मानव अधिकार कार्यकर्ता की कहानी पर बनी फिल्म में उनका किरदार फैंस का ध्यान खींच रहा है. हालांकि खास बात यह है कि फिल्म में उनके साथ दिलजीत दोसांझ अहम किरदार में नजर आ रहे हैं. जी हां हम बात कर रहे हैं दिलजीत दोसांझ की विवादित फिल्म पंजाब 95 की, जो काफी समय से सेंसरशिप के मामले में फंसी हुई थी. हालांकि अब फिल्म का रास्ता साफ हो गया है और नाम बदलकर सतलुज रखने के बाद इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज कर दिया गया है.
सतलुज जी5 पर हुई रिलीज
दिलजीत दोसांझ की विवादित फिल्म सतलुज जी5 पर रिलीज हो गई है, जिसका कुछ घंटे पहले ट्रेलर रिलीज किया गया है. फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा धुरंधर एक्टर अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की, कंवलजीत सिंह और गीतिका विद्या ओहलयान नजर आ रहे हैं. फिल्म को हनी त्रेहान ने डायरेक्ट किया है और रॉनी स्क्रूवाला, हनी त्रेहान और अभिषेक चौबे ने प्रोड्यूस किया है.
सतलुज की कहानी
जो लोग नहीं जानते उन्हें बता दें कि पंजाब 95, जिसका नाम बदलकर अब सतलुज कर दिया गया है. इसकी कहानी पंजाब से गायब हुए हजारों लोगों की सच्चाई से जुड़ी है, जिसने खुद सरकार पर सवाल खड़े कर दिए थे. कहा जा रहा है कि यह कहानी जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी से इंस्पायर्ड है, जो अमृतसर के बैंक डायरेक्टर और मानवाधिकार कार्यकर्ता थे. उन्होंने 90 के दशक में पंजाब पुलिस द्वारा बिना मुकदमा के हुए कत्ल और गैर-कानूनी अंतिम संस्कार को उजाकर किया था. कहा जाता है कि खालड़ा को पुलिस ने अगवा कर टॉर्चर किया. वहीं मार दिया. हालांकि उनकी बॉडी नहीं मिली.
दिलजीत दोसांझ की फिल्म को लेकर विवाद
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'पंजाब 95' बीते साल की रिलीज होनी थी, लेकिन फिल्म को लेकर कई विवाद हैं, जिसकी वजह से फिल्म अभी तक सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हुई थी. फिल्म की कहानी फिल्म के कुछ डायलॉग को भी विवादित कहकर सेंसर बोर्ड ने हटा दिया था. बीते साल सेंसर बोर्ड ने फिल्म से 127 सीन को हटाने के लिए कहा था. सेंसर बोर्ड ने फिल्म के टाइटल से पंजाब हटाने के लिए कहा और डायलॉग से पंजाब पुलिस को भी हटाने के लिए कहा. उन्होंने सिर्फ 'पुलिस' शब्द के इस्तेमाल की इजाजत दी. वहीं फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहान ने सेंसर बोर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इतने सारे कट के बाद फिल्म बचेगी ही नहीं और अगर ऐसा जबरदस्ती करवाया गया तो वह फिल्म से अपना नाम हटा लेंगे.