Sajay Leela Bhansal's Devdas: शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के मशहूर उपन्यास पर आधारित 'देवदास' पर सर्वाधिक फिल्म निर्माण का कीर्तिमान दर्ज है. इसी क्रम में साल 2002 में फिल्मकार संजय लीला भंसाली ने भव्य 'देवदास' का निर्माण किया, जिसके आज 24 साल पूरे हो रहे हैं, लेकिन इस फिल्म का जादू आज भी बरकरार है. यह रुताब बहुत कम फिल्मों को मिल पता है, जो मुकाम संजय लीला भंसाली की फिल्म ने हासिल किया है.
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फिल्म देवदास की भव्यता ने दर्शकों को चकाचौंध कर दिया
रिलीज के 24 साल बाद भी 'देवदास' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है, जो आज भी बेहतरीन भारतीय सिनेमा की पहचान बना हुआ है. संजय लीला भंसाली के शानदार निर्देशन, एक्टर्स के यादगार परफॉर्मेंस, संगीतकारों के कालजयी संगीत, सिनेमैटोग्राफर द्वारा कैच किए खूबसूरत विजुअल्स और गहरी भावनाओं से जुड़ी कहानी ने मिलकर एक ऐसी फिल्म बनाई, जो हर पीढ़ी के दिल को छू लेती है.
पारो के किरदार में ऐश्वर्या राय बच्चन
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भव्यता और सिनेमाई विजन की मिसाल बनी हुई है देवदास
भारतीय सिनेमा लगातार बदल रहा है, लेकिन 'देवदास' आज भी भव्यता, शानदार कहानी और बड़े सिनेमाई विजन की मिसाल बनी हुई है. यह फिल्म साबित करती है कि सच्चे क्लासिक्स कभी पुराने नहीं पड़ते, बल्कि समय के साथ और भी यादगार बन जाते हैं. आइए जानते हैं वे 24 दिलचस्प बातें, जो 'देवदास' को एक सच्चा क्लासिक फिल्म बनाती हैं.
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1. संजय लीला भंसाली का शानदार निर्देशन
संजय लीला भंसाली के निर्देशन का कमाल कहेंगे कि फिल्म का हर सीन भव्यता ओढ़े हुए है. हर सीन भंसाली की शानदार सोच और विजन को दिखाता है. कह सकते हैं कि फिल्म और क्रिएशन के जरिए भंसाली ने 'देवदास' को दर्शकों के लिए एक भव्य सिनेमाई अनुभव बना दिया.
2. एक यादगार साहित्यिक रूपांतरण
यूं तो शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के मशहूर उपन्यास पर 22 से अधिक बार विभिन्न भाषाओं में फिल्में बन चुकी हैं, लेकिन जिस खूबसूरती से डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने देवदास को बड़े पर्दे पर उतारा है और उसकी भावनाओं को भी बरकरार रखा, वह अतुलनीय है.
निर्देशक संजय लीला भंसाली
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3. शाहरुख खान की यादगार परफॉर्मेंस
देवदास के किरदार में नजर आए शाहरुख खान ने देवदास के किरदार के दर्द, टूटन और बिखराव को बेहद गहराई के साथ पर्दे पर उतारा है. उन्होंने साबित कर दिखाया कि उनकी एक्टिंग में किरदारों को समझने की वो गहराई मौजूद है, जो एक्टर से उम्मीद की जाती है.
4. देवदास की पारो ऐश्वर्या राय बच्चन
भंसाली के देवदास में पारो के किरदार में नजर आईं ऐश्वर्या राय बच्चन ने अपनी एक्टिंग का बेहतरीन मुजाहरा किया. उन्होंने देवदास की पारों की सादगी, मजबूती और भावनाओं को जाहिर करने का अंदाज को करीने से पकड़ा और बखूमी उसे पर्दे पर उतार दिया.
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5. देवदास की चंद्रमुखी माधुरी दीक्षित
भंसाली के देवदास में चंद्रमुखी के किरदार को जीने वाली एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित ने अपने अभिनय से जीवंत किया. उन्होंने चंद्रमुखी के किरदार में सम्मान, दया और गरिमा को इतने खूबसूरत तरीके से जीया कि यह उनके करियर की बेहतरीन परफॉर्मेंस में शुमार हो गया.
6. देव और पारो की शानदार केमिस्ट्री
फिल्म देवदास के निर्देशन के दौरान डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने देव और पारो की प्रेम कहानी को दिखाने के लिए भव्यता का ही सहारा नहीं लिया, बल्कि कहानी को कहने के लिए भावनाओं को भी उतना ही महत्व दिया, जिससे यह बॉलीवुड की सबसे पसंदीदा लव स्टोरीज बन गई.
7. दो महिलाओं के रिश्ते की अलग कहानी
देवदास की कहानी में पारो और चंद्रमुखी के बीच सम्मान और समझ का रिश्ता दिखाया गया, जो उस समय की फिल्मों में कम देखने को मिलता था. इस कहानी के किरदार में रोपी गईं अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन और माधुरी दीक्षित ने उसे पर्दे पर जी कर अमर बना दिया.
8. भव्य सेट्स और प्रोडक्शन डिजाइन
संजय लीला भंसाली अपनी फिल्मों में भव्य सेट और शानदार म्यूजिक के लिए जाने जाते हैं. डिमांड के मुताबिक निर्देशक ने फिल्म देवदास के लिए भव्य सेट बनवाए थे. जब फिल्म थियेटर में रिलीज हुई तो फिल्म में नजर आए शानदार सेट्स ने हर सीन को बेहद खूबसूरत बना दिया था.
फिल्म में एक दृश्य में शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बच्चन
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9. शानदार सिनेमैटोग्राफी ने मन मोह लिया
बॉलीवुड में तीन बार फिल्म देवदास बन चुकी है, लेकिन भव्यता सिर्फ संजय लीला भंसाली की देवदास में नजर आई. फिल्म की सिनेमैटोग्रामी ऐसी थी कि फिल्म का हर फ्रेम किसी पेंटिंग की तरह नजर आता है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे खूबसूरत फिल्मों में शामिल करता है.
10. भंसाली के देवदास के शानदार कॉस्ट्यूम्स
फिल्म के कॉस्ट्यूम आज भी फैशन डिजाइनर्स को प्रेरित करते हैं और भारतीय सिनेमा के बेहतरीन कॉस्ट्यूम्स में गिने जाते हैं. फिल्म में पारो और चंद्रमुखी को पहनाए गए ज्वैलरी और गहनों की डिमांड सर्राफा दुकानों की भी चमक बढ़ा दी थी.
11. देवदास के यादगार म्यूजिक एल्बम
संगीतकार इस्माइल दरबार द्वारा बुना गया फिल्म का संगीत आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है और पुरानी यादें ताजा कर देता है. यही वह फिल्म थी, जिसमें पहली बार 16 वर्षीय श्रेया घोषाल ने 'बैरी पिया' गाना गया था. श्रेया घोषाल की आवाज ने सुर साम्राज्ञी लता मंगेस्कर की याद दिला दी थी.
12. ऐसे गाने हमेशा के लिए यादगार बन गए
संजय लीला भंसाली के देवदास का संगीत जितना भव्य था, उतना भी सुंदर फिल्म में पिरोए गए गाने थे. इनमें 'डोला रे डोला', 'मार डाला' और 'सिलसिला ये चाहत का' जैसे गाने आज भी लोगों की पसंद बने हुए हैं.
13. फिल्म के शानदार डांस कोरियोग्राफी
फिल्म के हर डांस सीक्वेंस में कहानी और भव्यता का खूबसूरत मेल देखने को मिला. इनमें 'डोला रे डोला' में माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय बच्चन के बीच की जुगलबंदी को कौन भुला सकता है, जिसने सबका मन मोह लिया था.
देवदास के चुन्नीलाल बने जैकी श्रॉप के डॉयलाग्स ने जीता था दिल
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14. फिल्म में बोले गए दमदार डायलॉग्स
संजय लीला भंसाली के देवदास के कई संवाद आज भी लोगों को याद हैं और अक्सर दोहराए जाते हैं. इनमें शाहरुख खान के डॉयलाग बहुत मशहूर है. 'बाबू जी ने कहा शराब छोड़ दो..' आज भी लोगों की याद में ताजा हैं.
15. दिल से कही दिल छू लेने वाली कहानी
शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास पर आधारित तीसरी फिल्म देवदास को संजय लीला भंसाली ने बहुत ही खूबसूरती से बनाया. उन्होंने अपनी फिल्म में प्यार, इंतजार, अहंकार और त्याग जैसी भावनाओं को बहुत खूबसूरती से दिखाया है.
16. पीरियड फिल्मों के लिए बनी मिसाल
'देवदास' ने भारतीय सिनेमा में पीरियड फिल्मों की भव्यता को एक नया स्तर दिया. देवदास के बाद ऐसी फिल्म सेट वाली फिल्मों को सिलसिला शुरू हो गया. ऐसे भव्य सेट संजय लीला भंसाली की दूसरी फिल्मों 'पद्मावत', 'बाजीराव मस्तानी' और बॉलीवुड फिल्म कलंक और जोधा-अकबर में भी देखा गया.
17. अपने समय की महंगी फिल्मों में से एक
संजय लीला भंसाली की देवदास के बड़े बजट और भव्य निर्माण ने हिंदी सिनेमा में नए मानक तय किए. इसके बाद बॉलीवुड में फिल्म निर्माण की शैली में बड़े बदलाव आए और फिल्मों के निर्माण में बजट बढ़ने शुरू हो गए.
18. कान्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ प्रीमियर
साल 2002 रिलीज हुई फिल्म देवदास का प्रीमियर कान्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी भव्यता को दुनियाभर के लोगों ने देखा और बॉलीवुड में हुए भव्य शैली की गई फिल्म निर्माण को सराहा.
19. ऑस्कर में भारत की आधिकारिक एंट्री
संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित देवदास' को ऑस्कर के बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म (अब इंटरनेशनल फीचर फिल्म) कैटेगरी में साल 2003 में भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर भेजा गया था. अफसोस कि फिल्म को कोई नॉमिनेशन या अवॉर्ड नहीं मिल सका.
फिल्म देवदास का पोस्टर
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20. देवदास को दुनियाभर में मिली पहचान
फिल्म देवदास को मिली अपार सफलता ने भारतीय सिनेमा की खूबसूरती और उसकी कला को दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया. इसका असर कहेंगे कि भारत से जुड़े विषयों और भारतीय महापुरुषों को पर्दे पर उतारना शुरू किया.
21. देवदास ने कई अवॉर्ड्स अपने नाम किए
संजय लीला भंसाली की देवदास को परफॉर्मेंस, संगीत, आर्ट डायरेक्शन और कॉस्ट्यूम्स समेत कई क्षेत्रों में खूब सम्मान मिला. इनमें सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म, सर्वश्रेष्ठ कला निर्देशन, सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी, सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका और सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा डिजाइन का राष्ट्रीय पुरस्कार शामिल है.
22. देवदास के जरिए संस्कृति पर गहरा असर
संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म देवदास के गाने, डायलॉग्स, किरदार और कॉस्ट्यूम आज भी फिल्मों, फैशन और पॉप कल्चर को प्रभावित करते हैं. देवदास के बाद आई कई बॉलीवुड फिल्मों में इसका रिफ्लेक्शन दिखता है.
23. फिल्म मेकिंग की बनी एक शानदार मिसाल
देवदास रिलीज के बाद फिल्म बनाने की कला सीखने वालों के लिए 'देवदास' आज भी एक बेहतरीन उदाहरण है. यह फिल्म निर्माण कला का एक मील का पत्थर है. भव्य कला निर्देशन, शानदार सिनेमैटोग्राफी, अद्भुत संगीत ने इसे नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.
24. एक विरासत जो समय के साथ मजबूत हुई
12 जुलाई साल 2002 में रिलीज हुई संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास ने आज 24 साल पूरे कर लिए हैं. बॉलीवुड की यह एक फिल्म आने वाली नई पीढ़ी को सालों साल प्रेरित करती रहेगी. यह मास्टरपीस साबित करती है कि बेहतरीन सिनेमा कभी पुराना नहीं होता है.