दिलजीत दोसांझ की जिस फिल्म “पंजाब 95” का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था, वह आखिरकार “सतलुज” नाम से 3 जुलाई को जी5 पर रिलीज हुई. रिलीज के बाद फिल्म को देखने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्सुकता देखने को मिली और सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हुई. हालांकि, रिलीज के महज दो दिन बाद, 5 जुलाई की शाम फिल्म को भारत में जी5 से हटा दिया गया. इसके बाद एक बार फिर यह फिल्म चर्चा का विषय बन गई.
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हालांकि भारत में फिल्म अब उपलब्ध नहीं है, लेकिन विदेशों में लोग इसे लगातार देख रहे हैं. कई लोगों ने सिर्फ यह फिल्म देखने के लिए जी5 ऐप डाउनलोड किया, जबकि कुछ लोग इसका पाइरेटेड वर्जन भी देख रहे हैं. अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में फिल्म व्हाट्सऐप के जरिए भी बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंच रही है.
400 गुना बढ़ा डाउनलोड
एनडीटीवी ने ऑस्ट्रेलिया में मौजूद एक सूत्र से बात की. सूत्र ने दावा किया, “पिछले तीन दिनों में जी5 ऐप डाउनलोड करने का रेट करीब 400 गुना बढ़ गया है. लोग ऐप डाउनलोड करके फिल्म देख रहे हैं. मुझे तो फिल्म व्हाट्सऐप पर ही मिल गई थी.” उन्होंने आगे कहा, “फिल्म अच्छी है और इसमें काफी हद तक सच्चाई दिखाई गई है. मैंने खुद जसवंत सिंह खालड़ा पर लिखी दो किताबें पढ़ी हैं.”
127 बदलाव करने की बात
दरअसल, इस फिल्म का सफर शुरू से ही आसान नहीं रहा. केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म में 127 बदलाव करने की बात कही थी. इनमें मुख्य किरदार का नाम बदलने और पंजाब पुलिस से जुड़े कई संदर्भ हटाने जैसे सुझाव भी शामिल थे. निर्देशक हनी त्रेहान और फिल्म की टीम ने इन बदलावों को मानने से इनकार कर दिया. उनका कहना था कि इससे फिल्म की मूल कहानी और उद्देश्य बदल जाता. इसी वजह से फिल्म लंबे समय तक रिलीज नहीं हो सकी. साल 2023 में फिल्म का प्रदर्शन टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी तय था, लेकिन अंतिम समय में इसे कार्यक्रम से हटा दिया गया.
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारत में जी5 से फिल्म क्यों हटाई गई. इस बारे में जी5 की ओर से अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है. वहीं, फिल्म दोबारा भारत में दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी या नहीं, इस सवाल का जवाब भी फिलहाल अंधकार में है.