बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेकर विवादों में शाहरुख खान, बोले फिल्म प्रोड्यूसर- खेल और सिनेमा को राजनीति से दूर रखना चाहिए

शाहरुख खान की इंडियन प्रीमियर लीग टीम कोलकाता नाइट राइडर्स में एक बांग्लादेशी क्रिकेट खिलाड़ी को शामिल किए जाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है.

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केकेआर में बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेकर बयान पर बढ़ा विवाद
नई दिल्ली:

शाहरुख खान की इंडियन प्रीमियर लीग टीम कोलकाता नाइट राइडर्स में एक बांग्लादेशी क्रिकेट खिलाड़ी को शामिल किए जाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी नेता संगीत सोम द्वारा इस मुद्दे पर दी गई विवादित टिप्पणी के बाद मामला और अधिक गरमा गया है. संगीत सोम ने टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी को लिए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे राष्ट्रहित से जोड़कर देखा और शाहरुख खान पर निशाना साधा. इसके बाद यह विषय खेल के दायरे से निकलकर राजनीति और सिनेमा तक पहुंच गया.

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इस पूरे विवाद पर अब फिल्म जगत की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है. जाने-माने फिल्म निर्माता और अभिनेता राहुल मित्रा ने एनडीटीवी से बातचीत में साफ कहा कि खेल और सिनेमा को राजनीति और अन्य विषयों से अलग रखा जाना चाहिए. राहुल मित्रा ने कहा,“बांग्लादेश में जो स्थिति है, उससे हम सभी बहुत चिंतित हैं और उसका विरोध करते हैं. लेकिन खेल और सिनेमा को राजनीति से और बाकी मुद्दों से अलग रखना चाहिए.” उन्होंने आगे कहा,“देखिए, खेल और सिनेमा दोनों का ही काम है देश का नाम रोशन करना और लोगों का मनोरंजन करना. इससे ज्यादा कोई और उद्देश्य नहीं होता है और न ही होना चाहिए.”

राहुल मित्रा का मानना है कि यदि किसी देश के खिलाड़ियों को लेकर कोई आपत्ति या नीति है, तो उस पर निर्णय सरकार और संबंधित संस्थाओं को लेना चाहिए. “अगर कोई समस्या है तो सरकार को इस पर स्पष्ट रूप से निर्देश देना चाहिए. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड को भी कह देना चाहिए कि बांग्लादेश के खिलाड़ियों को न लिया जाए. जैसे इंडियन प्रीमियर लीग में पाकिस्तान के खिलाड़ी प्रतिबंधित हैं, उसी तरह का निर्णय टीम मालिकों को स्पष्ट रूप से बता दिया जाना चाहिए.”

उन्होंने यह भी कहा कि किसी टीम द्वारा किसी विशेष देश के खिलाड़ी को लेने पर देशद्रोह जैसे आरोप लगाना पूरी तरह गलत है. “यह कहना कि किसी टीम ने किसी विशेष देश का खिलाड़ी लिया है और इस वजह से आप राष्ट्रविरोधी या गद्दार हैं, मुझे लगता है कि यह बिल्कुल गलत है. ऐसा नहीं होना चाहिए.”

राहुल मित्रा ने भारतीय सिनेमा और भारतीय खेलों को देश की सबसे बड़ी सांस्कृतिक शक्ति बताया. “भारतीय सिनेमा और भारतीय खेल, ये दोनों ही भारत की सबसे बड़ी सांस्कृतिक शक्ति हैं. हम सभी को इस बात को स्वीकार करना चाहिए और इसका सम्मान करना चाहिए.”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि राष्ट्रवाद बेहद आवश्यक है, लेकिन उसके साथ समझ और संदर्भ भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. “राष्ट्रवाद बहुत जरूरी है और हम सभी को राष्ट्रवादी होना चाहिए, यह बहुत गर्व की बात है. लेकिन खेल और सिनेमा के उद्देश्य को समझना भी उतना ही जरूरी है.” शाहरुख खान को लेकर उठे सवालों पर राहुल मित्रा ने साफ शब्दों में कहा, “शाहरुख खान गद्दार हैं, मैं ऐसा नहीं मानता.”

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फिल्म जगत काफी समय से यह कहता आया है कि फिल्में और फिल्मी कलाकार अक्सर आसान निशाना बन जाते हैं और कोई भी, कहीं भी, उन पर उंगली उठा देता है. शाहरुख खान ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी ख्याति प्राप्त की है और भारतीय सिनेमा का नाम वैश्विक स्तर पर पहुँचाया है. ऐसे में उन पर की गई इस तरह की टिप्पणी फिल्म जगत के साथ-साथ उनके प्रशंसकों को भी नागवार गुजरना स्वाभाविक माना जा रहा है.

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