युद्ध के साये में बचपन, फिल्मों में दिखती मासूम जिंदगियों की त्रासदी

युद्ध पर बनी कुछ फिल्मों में बचपन के दर्द को दिखाया है. यह फिल्में अपने कहानी और डायरेक्शन की वजह से खूब सुर्खियों में रही हैं.

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युद्ध के साये में बचपन, फिल्मों में दिखती मासूम जिंदगियों की त्रासदी

यूनिसेफ के अनुसार लेबनान में जारी संघर्ष का सबसे गहरा असर बच्चों पर पड़ रहा है. अनुमान है कि करीब 7 लाख 70 हजार बच्चे लगातार हिंसा, विस्थापन और अपनों को खोने के कारण मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं. पिछले महीने 17 अप्रैल 2026 को संघर्ष-विराम (सीजफायर) पर सहमति बनने के बावजूद, खबरों के अनुसार कम से कम 59 बच्चे मारे गए हैं या घायल हुए हैं. युद्ध का सबसे गहरा असर बच्चों पर पड़ता है, यह बात सिनेमा में बेहद संवेदनशील और असरदार ढंग से दिखाई गई है. कुछ फिल्में ऐसी हैं जो बच्चों की नजर से युद्ध की त्रासदी को इस तरह दिखाती हैं कि दर्शक विचलित हो जाते हैं.

युद्ध की हकीकत दिखा गई थी Grave of the Fireflies

Isao Takahata द्वारा निर्देशित यह एनिमेटेड फिल्म 1988 में रिलीज हुई थी. फिल्म की कहानी बमबारी से तबाह एक शहर में रह रहे भाई-बहन की है. बड़ा भाई अपनी छोटी बहन से मां की बमबारी में हुई मौत की सच्चाई छिपा लेता है और यह बात आंटी से कहता है.

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युद्ध के बीच एक भाई द्वारा अपनी बहन को खिलाते हुए और उसे छोटी-छोटी खुशियों में झूमते देख यह एहसास होता है कि हालात कैसे भी हों, बचपन अपनी मासूमियत बनाए रखता है, लेकिन युद्ध धीरे-धीरे उसे छीन लेता है. फिल्म में चिड़ियों का चहचहाना और समुद्र की लहरों की आवाज जैसे दृश्य यह महसूस कराते हैं कि युद्ध इस खूबसूरत दुनिया से हमसे कितना कुछ छीन लेता है.

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खाने की व्यवस्था के लिए बड़े भाई को अपनी मां के कपड़े आंटी को देने पड़ते हैं, जिसे देखकर उसकी बहन रो पड़ती है. फिल्म में ऐसे कई दृश्य हैं जो दर्शकों को युद्धग्रस्त क्षेत्रों में रह रहे बच्चों की वास्तविक स्थिति से परिचित कराते हैं. फिल्म का अंत इतना मार्मिक है कि इसे देखने वालों की आंखें नम हो जाती हैं और यह सोचकर और भी भर आती हैं कि ऐसी त्रासदियां फिल्म के वर्षों बाद भी दुनिया में कहीं न कहीं जारी हैं.

युद्ध दोषियों की ही नहीं निर्दोषों की जान भी लेता है

2008 में आई The Boy in the Striped Pajamas का निर्देशन Mark Herman ने किया है.
यह फिल्म दो मासूम बच्चों की दोस्ती के जरिए यह दिखाती है कि नफरत और युद्ध की राजनीति किस तरह निर्दोष जीवन को निगल जाती है. एक तार के दोनों तरफ दो ऐसे बच्चे हैं जो एक दूसरे की दुनिया से अंजान हैं. एक तरफ सेना के अफसर का बेटा है, तो दूसरी तरफ एक कैदी बच्चा. इन दोनों की दोस्ती यह दिखाती है कि देशों के नागरिकों के बीच दुश्मनी स्वाभाविक नहीं होती, बल्कि यह राजनीति की उपज होती है. The Boy in the Striped Pajamas हमें यह भी दिखाती है कि युद्ध के दौरान सैनिकों और उनके परिवारों पर किस तरह का मानसिक दबाव पड़ता है. इस तरह की फिल्में, सिनेमा के उस मूल उद्देश्य को पूरा करती हैं, जिसके तहत सिनेमा समाज को जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील बनाने का माध्यम बनता है.

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कई 'गुइडो' आज भी जिंदा होंगे

Roberto Benigni द्वारा निर्देशित Life Is Beautiful फिल्म साल 1997 में रिलीज हुई थी. फिल्म ने तीन श्रेणियों में Academy Awards जीते. Roberto Benigni ने ही फिल्म में 'गुइडो' नाम के व्यक्ति का किरदार निभाया है. एक जिंदादिल व्यक्ति से अपने बेटे के साथ युद्धबंदी बनने के बाद भी गुइडो अपने बेटे के लिए एक सुपरहीरो बना रहता है और उसे यह एहसास नहीं होने देता कि वे कैद में हैं. वह अपने बेटे को यह विश्वास दिलाता है कि यह सब एक गेम है और गेम जीतने पर उसे टैंक पर बैठाया जाएगा. यह फिल्म दिखाती है कि युद्ध जैसी भयावह स्थिति में भी एक पिता अपने बच्चे के बचपन को बचाने के लिए किस हद तक जा सकता है. Roberto Benigni के शानदार अभिनय ने फिल्म को और भी प्रभावशाली बनाया है.

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