राजेश खन्ना का स्टारडम किसी से छिपा नहीं हैं. उन्होंने अपने करियर में कई हिट, सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं. लेकिन कहते हैं ना सक्सेस के साथ एक जिम्मेदारी भी आती है, जिसका जिक्र हाल ही में फिल्ममेकर चेतन आनंद के बेटे केतन आनंद ने बात की. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि फेलियर से निपटना आसान हो. लेकिन सफलता एक ऐसी गोली है, जिसे निगलना अक्सर मुश्किल होता है, जिसके साइड इफेक्ट्स भी होते हैं. अनहर्ड टेल्स पॉडकास्ट को दिए इंटरव्यू में केतन आनंद ने सक्सेस को हैंडल करने के चैलेंज के बारे में बात की.
उन्होंने कहा, देखो राजेश खन्ना के साथ क्या हुआ. वह अपने समय में एक बहुत बड़े लेजेंड हुआ करते थे और कुछ सालों के लिए वह रहे भी. उनकी पहली फिल्म आखिरी खत थी, जो मेरे पिता के साथ थी. उन्हें मेरे पिता की वजह से ब्रेक मिला. मेरे पिता हमेशा नए लोगों को मौका देना चाहते थे.” लेकिन फिल्ममेकर ने बताया कि राजेश खन्ना के बड़े स्टार बनने के बाद पिता चेतन आनंद ने उनके साथ काम ना करने का फैसला किया.
केतन आनंद ने कहा, जब वह बड़े हिट बन गए और पापा उनके साथ काम नहीं कर रहे थे तो. तो लोग उनके पास आते और कहते, आपका हीरो है. आप उसके साथ काम क्यों नहीं करते. तब पापा कहते, मैं स्टार्स के साथ काम नहीं करता, मैं एक्टर्स के साथ काम करता हूं. जब उसको जरुरत पड़ेगी वो वापस आएगा. और वह अपने करियर के अंत में वापस लौटे. उन्होंने फिल्म कुदरत साथ की. वह फिल्म कितनी खूबसूरत थी.
गौरतलब है कि एक मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में राजेश खन्ना ने अपने करियर के डाउनफॉल को लेकर उन दिनों को याद किया था जब वह घर शराब पीकर आते थे. उन्होंने कहा, एक के बाद एक सात लगातार फ्लॉप हो गई थी. यह काला था और टैरेस पर अकेले मैंने अपना आपा खो दिया और चिल्लाकर कहा, पर्वर्दिगार, हम गरीबों का इतना सख्त इम्तिहान ना ले कि हम तेरे वजूद को इनकार कर दें. डिंपल और मेरा स्टाफ दौड़ता हुआ आया सोचते हुए कि मैं पागल हो गया हूं क्योंकि सक्सेस ने मुझे इतना हिट किया कि मैं फेलियर सह नहीं पाया.
ये भी पढ़ें- दूसरा राजेश खन्ना कहलाने लगा था ये एक्टर, रामानंद सागर की रामायण में निभाया अहम किरदार, ले डूबी बॉलीवुड की राजनीति