दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' लगातार विवादों का सामना कर रही है. जिसके चलते फिल्म को ओटीटी से हटा दिया गया था. लेकिन अब 'सतलुज' नए विवाद में फंस गई है. केंद्र सरकार फिल्म को लेकर एक्शन मोड में आ गई है. सूत्रों का दावा है कि संबंधित राज्य सरकार ने फिल्म के प्रसारण की अनुमति गलत तरीके से दी.'सतलुज' के प्रसारण को लेकर सरकार कानूनी राय ले रही है. सरकार ने दावा किया है कि बिना सीबीएफसी सर्टिफिकेट के फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किया गया.
गैर-कानूनी तरीके से हुई रिलीज
केंद्र सरकार का कहना है कि फिल्म निर्माता को 127 कट लगाने के लिए कहा गया था. आरोप है कि फिल्म निर्माता ने सेंसर बोर्ड के निर्देशों का पालन नहीं किया. इसके बावजूद फिल्म का प्रसारण कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से जारी रखा गया. केंद्र सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जिन राज्यों में इस फिल्म का प्रसारण हो रहा है, वहां की राज्य सरकारों को नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए.
केंद्र सरकार कर सकती है कार्रवाई
सूत्रों का यह भी कहना है कि ओटीटी पर कथित गैर-कानूनी प्रसारण के मामलों को लेकर केंद्र सरकार आने वाले समय में कार्रवाई कर सकती है. आपको बता दें कि दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' 3 जुलाई को 'जी 5' (Zee5) पर रिलीज हुई. रिलीज होते ही फिल्म विवादों में आ गई है. फिल्म को 48 घंटे के अंदर भारत में ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया. हालांकि कई देशों में यह फिल्म अब भी ओटीटी पर मौजूद है.
'सतलुज' का पहले नाम पंजाब 95 था. इस नाम से पहले यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी. लेकिन सीबीएफसी ने इस पर कई कट लगाने की बात कही. जिसको मेकर्स ने लगाने से मना कर दिया. फिर लंबे इंतजार के बाद फिल्म को बिना कट के ओटीटी पर रिलीज किया गया और रिलीज होने की फिल्म विवादों में आ गई.