सेलिना जेटली डायरेक्टर राम कमल मुखर्जी की अगली बायोपिक ड्रामा फिल्म में सिस्टर निवेदिता का रोल निभाकर फिल्मों में वापसी कर रही हैं. सिस्टर निवेदिता स्वामी विवेकानंद की आयरिश मूल की शिष्या थीं. इससे पहले दोनों ने मुखर्जी की फिल्म "सीजन्स ग्रीटिंग्स" में साथ काम किया था. सेलिना जेटली ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत 2003 में "जनशीन" फिल्म से की थी. इसके बाद उन्होंने "नो एंट्री" (2005), "गोलमाल रिटर्न्स" (2008) और "थैंक यू" (2011) जैसी हिट फिल्में दीं.
"सिस्टर निवेदिता" फिल्म को अरित्र दास क्रिएशन ने असॉर्टेड मोशन पिक्चर्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है. यह फिल्म सिस्टर निवेदिता के जीवन पर आधारित होगी. उनका जन्म आयरलैंड में मार्गरेट एलिजाबेथ नोबल के तौर पर हुआ था. उन्होंने भारत को अपना आध्यात्मिक घर बनाने के लिए अपना देश छोड़ दिया और खुद को समाज सुधार, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और राष्ट्र-निर्माण के कामों में समर्पित कर दिया.
विवेकानंद एक हिंदू साधु थे जिन्होंने वेदांत के दर्शन को पश्चिम तक पहुंचाया. उन्होंने 1893 में शिकागो में 'विश्व धर्म संसद' (World's Parliament of Religions) में एक ऐतिहासिक भाषण दिया था. वे आधुनिक भारतीय इतिहास के सबसे प्रभावशाली धार्मिक व्यक्तित्वों में से एक हैं. उनके गुरु रामकृष्ण, बंगाल के 19वीं सदी के एक रहस्यवादी और आध्यात्मिक गुरु थे. सभी धर्मों की एकता के बारे में उनकी शिक्षाओं ने विवेकानंद की उस सोच को आकार दिया, जिसे उन्होंने बाद में दुनिया भर में फैलाया.
यह ड्रामा फिल्म निवेदिता के एक युवा आयरिश शिक्षिका से भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जागृति की समर्थक बनने तक के सफ़र को दिखाएगी. यह कहानी देश में हो रहे बड़े बदलावों के दौर पर आधारित होगी. इसमें स्वामी विवेकानंद के साथ उनके रिश्ते और उस दौर में राष्ट्रीय चेतना को आकार देने में उनकी भूमिका को भी दिखाया जाएगा.