बॉबी देओल की इस फिल्म में प्रेम चोपड़ा, परेश रावल और रजा मुराद बने शरीफ, असली विलेन थी फिल्म की हीरोइन, 9 करोड़ में कमाए थे 33 करोड़

ये फिल्म सिनेमा में एक बड़ा बदलाव लेकर आई थी. इसका सस्पेंस, म्यूजिक और दमदार स्क्रीनप्ले इसे आज भी खास बनाते हैं. इसने यह साबित कर दिया था कि बॉलीवुड में सिर्फ रोमांस ही नहीं, बल्कि थ्रिल और ट्विस्ट से भरी कहानियां भी दर्शकों को खूब पसंद आ सकती हैं.

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बॉलीवुड की वो एक्शन थ्रिलर, जिसमें हीरोइन थी असली कातिल!

सोचिए एक ऐसी फिल्म, जिसमें शुरुआत से लेकर अंत तक आप हर किरदार पर शक करते रहें, लेकिन असली कातिल कोई और ही निकले. 90 के दशक में आई इस क्राइम मिस्ट्री ने कुछ ऐसा ही किया था. तीन बड़े सितारों से सजी इस फिल्म की कहानी ने दर्शकों को इतना बांध लिया कि लोग आखिरी सीन तक सीट से हिल नहीं पाए. क्लाइमैक्स में जब सच सामने आया, तो हर कोई हैरान रह गया, क्योंकि जिस चेहरे पर सबसे ज्यादा भरोसा था, वही सबसे बड़ा राज छुपाए बैठा था. यही वजह रही कि 9 करोड़ में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 33 करोड़ कमा डाले और आज भी इसका सस्पेंस लोगों के जेहन में ताजा है.

कहानी में छिपा था बड़ा राज

हम बात कर रहे हैं साल 1997 में आई फिल्म ‘गुप्त: द हिडन ट्रुथ' की. ये फिल्म उस दौर की बाकी फिल्मों से बिल्कुल अलग थी. इसमें बॉबी देओल, काजोल और मनीषा कोइराला ने लीड रोल निभाया था. इसके अलावा राज बब्बर, ओम पुरी और परेश रावल जैसे दिग्गज कलाकार भी फिल्म का हिस्सा थे. ये फिल्म एक सस्पेंस थ्रिलर थी, जिसने दर्शकों को शुरू से आखिर तक जोड़े रखा. गुप्त' ने 90s के रोमांस ट्रेंड को तोड़कर सस्पेंस और ट्विस्ट से भरी कहानी का नया रास्ता दिखाया. सिर्फ 9 करोड़ में बनी इस फिल्म ने 33 करोड़ कमाकर साबित कर दिया कि दर्शकों को थ्रिलर भी उतना ही पसंद है.

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जब बेटे पर लगा पिता की हत्या का आरोप

फिल्म की कहानी साहिल सिन्हा यानी बॉबी देओल के इर्द-गिर्द घूमती है. उस पर अपने ही सौतेले पिता, गवर्नर जयसिंह सिन्हा की हत्या का आरोप लग जाता है. कोर्ट उसे दोषी मानकर जेल भेज देती है. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती, बल्कि यहीं से असली सस्पेंस शुरू होता है.

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एक के बाद एक हत्याएं और बढ़ता शक

जेल जाने के बाद भी हत्याओं का सिलसिला नहीं रुकता. फिल्म में एक के बाद एक कई मर्डर होते हैं और हर बार शक किसी नए किरदार पर जाता है. दर्शक बार-बार सोचते हैं कि अब असली कातिल सामने आएगा, लेकिन कहानी हर बार नया मोड़ ले लेती है. यही सस्पेंस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनता है.

क्लाइमैक्स में खुला सबसे बड़ा राज

फिल्म का सबसे बड़ा ट्विस्ट इसके क्लाइमैक्स में सामने आता है. आखिर में पता चलता है कि ईशा यानी काजोल ही असली कातिल है. ये खुलासा उस समय के लिए बेहद चौंकाने वाला था, क्योंकि हीरोइन को विलेन के रूप में दिखाना बहुत कम देखा गया था. ईशा का किरदार एक जुनूनी प्रेमिका का है, जो अपने प्यार के लिए किसी भी हद तक जा सकती है.

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काजोल का करियर-डिफाइनिंग रोल

काजोल उस दौर में रोमांटिक और चुलबुली भूमिकाओं के लिए जानी जाती थीं, लेकिन इस फिल्म में उन्होंने अपने किरदार से सबको चौंका दिया. उनका ये निगेटिव रोल हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार किरदारों में गिना जाता है. इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला और वो इस कैटेगरी में जीतने वाली पहली फीमेल एक्ट्रेस बनीं.

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