विजय की जन नायकन की तरह 20 साल पहले सेंसरशिप में फंसी थी ये बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म, डायरेक्टर को गिरवी रखना पड़ा था घर

26 जनवरी 2006 को रिलीज हुई आमिर खान की इस फिल्म को बिल्कुल जन नायकन की तरह सेंसर बोर्ड में रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था.

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जन नायकन की तरह 20 साल पहले कॉन्ट्रोवर्सी में फंसी थी रंग दे बसंती
नई दिल्ली:

तमिल सुपरस्टार थलपति विजय के फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म जन नायकन सेंसर बोर्ड में अटकी हुई है. फिल्म जन नायकन बीती 9 जनवरी को रिलीज होनी थी, लेकिन फिल्म को अभी तक सीबीएफसी से हरी झंडी नहीं मिली है. ऐसा पहली बार नहीं है, जब कोई फिल्म विवाद के चलते सेंसर बोर्ड में अटकी हो, लेकिन हम आपको बताएंगे उस बॉलीवुड फिल्म के बारे में जो आज से 20 साल पहले जन नायकन की तरह ही सेंसर बोर्ड में अटकी रही थी. जबकि इस फिल्म के लिए डायरेक्टर को अपना घर तक गिरवी रखना पड़ा था. रिलीज होने के बाद इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाका और लोगों पर ऐसा जादू चलाया, जो आज तक नहीं गया है. साल 2006 में रिलीज हुई इस फिल्म में 3 इडियट्स के तीनों स्टार नजर आए थे.

घर गिरवी रखकर बनाई थी फिल्म

दरअसल, बात कर रहे हैं आमिर खान, आर.माधवन, शरमन जोशी, सिद्धार्थ और अतुल कुलकर्णी स्टार एक्शन थ्रिलर फिल्म रंग दे बसंती की, जो 26 जनवरी 2006 को रिलीज हुई थी. रंग दे बसंती इस 26 जनवरी अपनी रिलीज के 20 साल पूरे कर लेगी. इस फिल्म का निर्देशन राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने किया था. यह फिल्म 30 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी. फिल्म ने वर्ल्डवाइड 96.90 करोड़ रुपये का कारोबार किया था. इस फिल्म को बनाने के लिए डायरेक्टर को अपना घर तक गिरवी रखना पड़ा था. लेकिन सेंसर बोर्ड ने फिल्म में सेना से जुड़े कुछ सीन पर आपत्ति जताई थी, जिसकी वजह से यह अपनी तय रिलीज डेट से देर से रिलीज हुई थी. एक इंटरव्यू में राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने फिल्म के सेंसर बोर्ड में अटकने के बारे में खुलासा किया है. डायरेक्टर ने खुलासा किया कि  उनके लिए यह फिल्म बहुत बड़ी चुनौती थी. उन्होंने बताया कि फिल्म की रिलीज पर ब्यूरोक्रेट्स और रक्षा मंत्रालय ने भी आपत्ति जताई थी.

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जन नायकन भी है आपत्ति

ठीक इसी तरह सेंसर बोर्ड ने थलपति विजय की जन नायकन के कुछ सीन और डायलॉग पर आपत्ति जताई है. जन नायकन बीती 18 दिसंबर 2025 से सेंसर बोर्ड की मंजूरी का इंतजार कर रही है, लेकिन अभी तक इसको पास नहीं किया गया है. फिल्म के बारे में कहा जा रहा है कि फिल्म के कुछ सीन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं. सेंसर बोर्ड ने इन सीन पर कैंची चलाकर इसे यू/ए 16+ सर्टिफिकेट भी दे दिया था, लेकिन मेकर्स ने फिल्म को दोबारा सेंसर बोर्ड भेज दिया और अब उसके पास होने का इंतजार कर रहे हैं. वहीं, सेंसर बोर्ड से चेयरपर्सन के पास शिकायत गई और फिल्म रिवाइजिंग कमेटी के पास गई. मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म को तुरंत पास करने का आदेश दिया, लेकिन डिवीजन बेंच ने इसे रोक दिया. गौरतलब है कि यह विजय के करियर की आखिरी फिल्म है. इसके बाद वह अपनी पॉलिटिकल पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम से इस साल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 लड़ेंगे.

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