शोले से पहले आई अमिताभ बच्चन की इस फिल्म को देख निराश हो गए थे लोग, दोबारा से क्लाइमैक्स सीन हुआ शूट फिर भी कहलाई सुपरफ्लॉप

आज अमिताभ बच्चन का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में ‘जंजीर', ‘दीवार', ‘शोले' और ‘डॉन' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की तस्वीर घूम जाती है. लेकिन इस दौर से पहले एक समय ऐसा भी था जब उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट रही थीं.

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शोले से पहले आई अमिताभ बच्चन की इस फिल्म को देख निराश हो गए थे लोग

आज अमिताभ बच्चन का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में ‘जंजीर', ‘दीवार', ‘शोले' और ‘डॉन' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की तस्वीर घूम जाती है. लेकिन इस दौर से पहले एक समय ऐसा भी था जब उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट रही थीं. 1971 में आई ‘प्यार की कहानी' भी उन्हीं फिल्मों में गिनी जाती है. दिलचस्प बात ये है कि इस फिल्म से ठीक पहले इसके मेकर्स ने ‘फर्ज' और ‘जिगरी दोस्त' जैसी हिट फिल्में दी थीं. उम्मीद की जा रही थी कि ये मूवी उसी तरह पसंद की जाएगी. लेकिन थिएटर पहुंचते ही पूरा मामला उल्टा पड़ गया. फिल्म इतनी बुरी तरह रिजेक्ट हुई कि मेकर्स को इसका क्लाइमैक्स तक बदलना पड़ा. फिर भी फिल्म नहीं बच सकी.

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दरअसल इस दौर में दर्शकों की रुचि बदल रही थी. इस दौरान एक्शन, फाइट और स्टंट वाली फिल्में पसंद की जाने लगी थीं. प्यार की कहानी के डायरेक्टर रविकांत नागाइच ने एक इंटरव्यू में माना भी था कि दर्शक बेहतरीन एक्शन की उम्मीद लेकर थिएटर पहुंचे थे. लेकिन ‘प्यार की कहानी' एक इमोशनल रोमांटिक ड्रामा निकली. यही बात दर्शकों को पसंद नहीं आई. इसकी वजह थी कि इससे पहले उनकी ‘फर्ज' और ‘जिगरी दोस्त' जैसी फिल्में काफी लोकप्रिय हो चुकी थीं. 

प्यार, दोस्ती और गलतफहमियों की कहानी 

फिल्म की कहानी में अमिताभ बच्चन ने राम चंद्र नाम के एक सीधे-सादे युवक का रोल निभाया था, जो पढ़ा-लिखा होने के बावजूद चपरासी की मामूली नौकरी करता है. उसकी मुलाकात रवि (अनिल धवन) से होती है, जो जिंदगी से परेशान होकर आत्महत्या करने जा रहा होता है. दोनों दोस्त बन जाते हैं, लेकिन कहानी में बड़ा मोड़ तब आता है जब राम की शादी के लिए चुनी गई लड़की कुसुम (तनुजा) को देखकर रवि अचानक नाराज हो जाता है. इसके बाद फिल्म रिश्तों, गलतफहमियों और कुसुम के अतीत से जुड़े राज के इर्द-गिर्द घूमती है. फिल्म में फरीदा जलाल ने लता का किरदार निभाया था. 

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दर्शकों को सेड एंडिंग पसंद नहीं आई

इसके अलावा फिल्म का असली अंत काफी दुखद था. उस दौर के दर्शक थिएटर में मनोरंजन और सुखद अंत देखने की उम्मीद लेकर जाते थे. जैसे ही लोगों ने फिल्म का क्लाइमैक्स देखा, उनका रिस्पॉन्स ठंडा पड़ गया. मेकर्स को लगा कि शायद एंडिंग बदलने से मामला संभल सकता है. इसके बाद फिल्म को थिएटर से हटाकर नया हैप्पी क्लाइमेक्स शूट भी किया गया. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. दर्शकों की दिलचस्पी खत्म हो चुकी थी.

जितेन्द्र करने वाले थे ये रोल

रविकांत नागइच इस मूवी से पहले जितेंद्र के साथ ‘फर्ज' और ‘जिगरी दोस्त' जैसी हिट फिल्में दे चुके थे. लिहाजा इस फिल्म में भी जितेन्द्र को ही बतौर हीरो लिया जाना था. कम लोग जानते हैं कि ‘प्यार की कहानी' पहले जितेंद्र करने वाले थे. लेकिन उस समय उनके पास फिल्मों की लाइन लगी हुई थी और डेट्स की काफी दिक्कत चल रही थी. उस दौर में भी एक्टर्स एक साथ बहुत ज्यादा फिल्में साइन करने से बचते थे. ऐसे में जितेन्द्र को यह फिल्म छोड़नी पड़ी और बाद में यह रोल अमिताभ बच्चन के हिस्से में आ गया.

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हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली, लेकिन इसके कुछ गाने उस दौर में काफी पसंद किए गए थे. आर.डी. बर्मन का म्यूजिक और मोहम्मद रफी, किशोर कुमार व लता मंगेशकर की आवाज ने फिल्म को संगीत प्रेमियों के बीच पहचान दिलाई. फिल्म का गाना ‘कोई और दुनिया में तुमसा हसीं है' उस दौर में काफी पसंद किया गया था.

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