अरिजीत सिंह का सिख परिवार लाहौर से आकर बसा जियागंज, उस छोटे से शोमू की कहानी जो कीर्तन गाने जाता था गुरुद्वारे

अरिजीत सिंह का परिवार बंटवारे से पहले लाहौर में रहा करता था. इसके बाद वे जियागंज में आकर बसे और धीरे-धीरे अपना काम जमाया और घर बनाया.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
अरिजीत सिंह का परिवार लाहौर से आकर बसा मुर्शिदाबाद
Social Media
नई दिल्ली:

27 जनवरी 2026 को जब अरिजीत सिंह ने अनाउंसमेंट की कि वह प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट ले रहे हैं तो इस खबर ने पूरे भारत में फैंस को चौंका दिया. ये समझना मुश्किल था कि अरिजीत ने इतने अच्छे खासे चल रहे प्लेबैक सिंगिंग करियर को छोड़ने का फैसला क्यों किया. अब एक तरफ जहां फैन्स अभी भी इस सदमे से उबर नहीं पाए हैं वहीं दूसरी तरफ उनकी पर्सनल लाइफ से जुड़ी कहानी सामने आ रही है. 

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के एक छोटे से नदी किनारे बसे शहर जियागंज से एक शांत और पर्सनल कहानी सामने आ रही है. यही वो जगह है जहां अरिजीत सिंह का जन्म हुआ, वे पले-बढ़े और अब यहीं रहते हैं. द टेलीग्राफ इंडिया ने सिंगर के पिता सुरिंदर सिंह से बात की, जिन्होंने बताया कि कैसे परिवार कई दशक पहले पश्चिम बंगाल में बस गया था.

बंटवारे के बाद लाहौर से लालगोला तक

सिंह परिवार का सफर अरिजीत सिंह के जन्म से पहले ही शुरू हो गया था. सुरिंदर सिंह ने कहा, "हमारा पुश्तैनी घर लाहौर के पास था. बंटवारे के बाद मेरे पिता और उनके तीन भाई लालगोला चले गए."

बंटवारे के दौरान कई दूसरे परिवारों की तरह उन्हें भी सब कुछ पीछे छोड़कर फिर से शुरुआत करनी पड़ी. वे कपड़े के व्यापारी थे और उन्होंने अपनी जिंदगी फिर से बनाने के लिए कड़ी मेहनत की. उन्होंने बताया, "वे कपड़े के व्यापारी थे और किसी तरह जियागंज पहुंच गए और नदी के किनारे अपना घर बना लिया."

Advertisement

यह भी पढ़ें: Holi Song: 26 साल पहले आए होली के इस गाने में रंगों के बीच दिखा था शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय का रोमांस

लालगोला से, परिवार आखिरकार जियागंज चला गया. दूसरे रिश्तेदार उस इलाके में बस गए जिसे अब पंजाबीपारा के नाम से जाना जाता है. वहां सिख समुदाय ने एक गुरुद्वारा बनाया जो प्रार्थना और इकट्ठा होने के लिए एक अहम जगह बन गया. समय के साथ जियागंज सिर्फ गुजारे की जगह नहीं रहा. यह घर बन गया.

Advertisement

गुरुद्वारे में गाकर हुई शुरुआत

अरिजीत सिंह जियागंज में परिवार और पड़ोसियों के बीच "शोमू" के तौर पर बड़े हुए. 2013 में भारत के सबसे बड़े सिंगर्स में से एक बनने के बाद भी वह शहर से जुड़े रहे. संगीत कम उम्र से ही उनकी जिंदगी का हिस्सा था. सिंगर के पिता ने याद किया कि कैसे वह खास मौकों पर कीर्तन गाने के लिए अपनी मां के साथ गुरुद्वारे जाते थे.

सुरिंदर सिंह ने यह भी बताया कि इतने जाने-माने सिंगर का पिता होना कैसा लगता है. उन्होंने कहा, "मुझे मजा आता है. लोग मुझसे पूछते हैं 'आपका बेटा क्या कर रहा है', 'उसका अगला प्रोजेक्ट क्या है'."

यह भी पढ़ें: बॉक्स ऑफिस पर दांव पर लगे 975 करोड़, रिलीज होंगी साउथ की 4 फिल्में, धुरंधर-2 के लिए मुश्किल होगा खेल

मुंबई में अरिजीत सिंह की सक्सेस के बावजूद जियागंज उन्हें हमेशा वापस खींचता रहा है. उनके पिता ने अपने होमटाउन के साथ अपने इमोशनल रिश्ते के बारे में बताते हुए कहा, "यह बहुत शांतिपूर्ण जगह है. मेरा बेटा भी मुंबई में नहीं रह सका और उसे वापस लौटना पड़ा."

Advertisement

आज, नेशनल लेवल पर नाम कमाने के बाद भी, अरिजीत सिंह जियागंज से जुड़े हुए हैं. उनके बच्चे वहीं पढ़ते हैं, और उनके कई चैरिटेबल प्रोजेक्ट्स शहर में स्कूलों और सुविधाओं को बेहतर बनाने पर फोकस करते हैं. इस बीच उन्होंने हाल ही में रैना नाम का एक नया गाना रिलीज किया है जिसने पहले ही सुनने वालों का ध्यान खींच लिया है. इस गाने को शेखर रवजियानी ने कंपोज किया है और प्रिया सरैया ने लिखा है. फैंस इस ट्रैक को सुन सकते हैं और इसका ऑफिशियल वीडियो गरुड़ म्यूजिक YouTube चैनल पर देख सकते हैं.

Featured Video Of The Day
कोलकाता में 73 वर्षीय व्यापारी नेता पर सरेआम थप्पड़ और अंडों से हमला
Topics mentioned in this article
Arijit Singh
Arijit Singh Father
Jiaganj
Arijit Singh Songs
Arijit Singh Lahore
Arijit Singh News
Arijit Singh Instagram
Arijit Singh Mother
Arijit Singh Wife
Arijit Singh Kids
Arijit Singh House