अमित कुमार बॉलीवुड के जाने माने सिंगर हैं. हालांकि बात जब उनके पापा की आती है तो किशोर कुमार का मुकाबला नहीं हैं. उन्होंने हिंदी सिनेमा में कई सुपरहिट और कल्ट गाने गाए, जो आज काफी पॉपुलर हैं. उन्हीं में से एक गाना किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने हाल ही में बरसात के मौसम पर गाया, जिसे सुनने के बाद फैंस को गुजरे जमाने की याद आ गई है. वहीं उन्होंने तो फैंस से इयरफोन लगाकर उस गाने को सुनने की फरमाइश की है. हम बात कर रहे हैं 47 साल पुराने गाने रिमझिम भरे सावन की.
अमित कुमार ने गाया रिमझिम गिरे सावन गाना
इंस्टाग्राम पर अमित कुमार गाना गा रहे हैं. जबकि उनके कमरे में खिड़की में बरसात होते हुए देखा जा सकता है. इस गाने के साथ सिंगर ने कैप्शन में लिखा, रिमझिम गिरे सावन, सुलग सुलग जाए मन. इयरफोन लगा लें. एक कप चाय लें और इस टाइमलेस क्लासिक गाने को मेरे वर्जन में सुने. कमेंट्स में बताएं कैसा लगा. इस पोस्ट पर लोगों ने भी खूब रिएक्शन दिया है. एक ने लिखा, पता नहीं आपके बाद ये आवाज कहां सुनने को मिलेगी. दूसरे यूजर ने लिखा, अगर किसी की किशोर कुमार से आवाज मिलती है तो वह सिर्फ अमित दा हैं. तीसरे यूजर ने लिखा, कोई किशोर कुमार को बीट नहीं कर सकता.
अमिताभ बच्चन के गाने को किशोर कुमार ने दी थी आवाज
1979 में आई फिल्म मंजिल में रिमझिम गिरे सावन गीत को फिल्माया गया था, जिसमें अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी लीड रोल में थे. इस गाने के बोल गीतकार योगेश ने लिखे थे. जबकि गाने को आवाज किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने दी थी. यह रियल फिल्म बारिश में फिल्माया गया था. वहीं आज के समय में भी यह गाना बरसात के मौसम में पुरानी यादों को ताजा कर देता है.
अमित कुमार के बारे में
अमित कुमार ने अपने पिता की निर्देशित फिल्म 'दूर गगन की छांव में' (1964) में अभिनय से शुरूआत की थी और फिल्म 'दूर का राही' (1971) के लिए 11 साल की उम्र में अपना पहला गीत "मैं पंछी मतवाला रे" रिकॉर्ड किया था. साल 1981 में रिलीज हुई फिल्म 'लव स्टोरी' के गाने "याद आ रही है" ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया. 1980 के दशक में वे कुमार गौरव, अनिल कपूर और संजय दत्त जैसे युवा कलाकारों की सिग्नेचर आवाज बन गए. अमित कुमार के करियर के प्रमुख गीतों की बात करें, तो 'बड़े अच्छे लगते हैं', 'तेरी याद आ रही है', 'एक दो तीन', 'रोज रोज आंखों तले', 'उठे सबके कदम', 'तू रूठा तो मैं मान जाऊंगा', 'तिरछी टोपीवाले', और 'टिप टिप टिप टिप बारिश' जैसे गीत शामिल हैं. अमित कुमार ने अपने पिता की अधूरी फिल्म 'ममता की छांव में' (1989) का निर्देशन संभाला और उसे पूरा किया. उन्होंने 1990 के मध्य में प्लेबैक सिंगिंग छोड़ दी. उन्होंने अपनी संगीत कंपनी 'कुमार ब्रदर्स म्यूजिक' शुरू की और खुद को स्वतंत्र संगीत तथा विश्वव्यापी लाइव कॉन्सर्ट्स के लिए समर्पित कर दिया.
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