एनजेआईआईएफएफ का 8वां एडिशन खत्म, दो दिन तक न्यू जर्सी में सिनेमा का जश्न

न्यू जर्सी इंडियन एंड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल यानी एनजेआईआईएफएफ का 8वां संस्करण 29 मार्च को खत्म हो गया. यह फेस्टिवल दो दिन चला, जिसकी शुरुआत 28 मार्च से हुई थी.

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एनजेआईआईएफएफ का 8वां एडिशन खत्म,

न्यू जर्सी इंडियन एंड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल यानी एनजेआईआईएफएफ का 8वां संस्करण 29 मार्च को खत्म हो गया. यह फेस्टिवल दो दिन चला, जिसकी शुरुआत 28 मार्च से हुई थी. इस दौरान न्यू जर्सी में अलग-अलग देशों से आई फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई और दर्शकों ने भी इसमें अच्छी दिलचस्पी दिखाई. फेस्टिवल की स्क्रीनिंग रेगल हैडली थिएटर, साउथ प्लेनफील्ड और आईटीवी गोल्ड ऑडिटोरियम, एडिसन में रखी गई थी. इस बार भी फेस्टिवल का फोकस भारतीय सिनेमा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय फिल्मों पर रहा और कई तरह की कहानियां देखने को मिलीं.

फेस्टिवल में बेस्ट फिल्म अवॉर्ड मराठी फिल्ममेकर हेमंत धोमे की फिल्म क्रांतिज्योति विद्यालय मराठी माध्यम को मिला. वहीं बेस्ट शॉर्ट फिल्म का पुरस्कार सूसू को दिया गया, जिसका निर्देशन शुभम राहुल कर्णा ने किया है और इसे आर्या मेनन ने प्रोड्यूस किया है. फेस्टिवल चॉइस अवॉर्ड शॉर्ट फिल्म रिवर्स को मिला. यह फिल्म कौस्तुव मुखर्जी ने डायरेक्ट की है और इसके निर्माता विजय कुमार मिर्चंदानी और देबप्रिया सेनगुप्ता हैं.

अभिनय के अवॉर्ड्स की बात करें तो फीचर फिल्म बीएमडब्ल्यू 1991 के लिए गौतम को बेस्ट एक्टर चुना गया. वहीं फिल्म मंगला में काम करने वाली शिवाली परब को बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार मिला. इस बार फेस्टिवल में एक नया सेक्शन भी जोड़ा गया, जिसमें महिला टेक्नीशियन को खास तौर पर सम्मानित किया गया. टीवी एक्ट्रेस साई देवधर ने अपनी पहली डायरेक्ट की गई फिल्म ना आवडती गोष्टा के लिए बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड जीता. वहीं टैंगो मल्हार के लिए सान्या दाते को बेस्ट फीमेल राइटर का पुरस्कार मिला.

इसके अलावा फिल्म हरिज वेड्स साजिली के लिए एंजेला पेज को बेस्ट वुमन प्रोड्यूसर चुना गया. वहीं बेस्ट स्टूडेंट फिल्म का अवॉर्ड बूट घर ऐशेज को मिला, जिसे आशिक शाहिर ने बनाया है. इस साल फेस्टिवल में दुनिया के कई हिस्सों से फिल्में भेजी गईं. फिल्मों का चयन प्रतियोगिता के जरिए किया गया और फिर चुनी हुई फिल्मों को दो दिन के कार्यक्रम में स्क्रीन किया गया.

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एनजेआईआईएफएफ ने इस बार 5वें मराठी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (एमआईएफएफ) और 4वें फ्लोरिडा साउथ एशियन फिल्म फेस्टिवल (एफएल-एसएएफएफ) के साथ भी साझेदारी की, जिससे फेस्टिवल का दायरा और बड़ा हो गया.

फेस्टिवल डायरेक्टर हेमंत एम. पांड्या ने कहा कि एनजेआईआईएफएफ अब एक ऐसा मंच बन चुका है जहां अलग-अलग देशों और भाषाओं की कहानियां एक साथ देखने को मिलती हैं. उन्होंने फिल्ममेकर्स, पार्टनर्स और दर्शकों का धन्यवाद भी किया.

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फेस्टिवल को आर्ट्स इंस्टीट्यूट ऑफ मिडलसेक्स काउंटी और मिडलसेक्स काउंटी बोर्ड ऑफ काउंटी कमिश्नर्स की तरफ से काउंटी आर्ट्स ग्रांट के जरिए आंशिक फंडिंग भी मिली. इसके अलावा फेस्टिवल को स्पॉन्सर्स और स्थानीय समुदाय का भी सपोर्ट मिला.

कुल मिलाकर, एनजेआईआईएफएफ का यह एडिशन एक बार फिर यह दिखाने में कामयाब रहा कि न्यू जर्सी में भारतीय और इंटरनेशनल सिनेमा को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है.

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