बॉलीवुड के असली काउबॉय फिरोज खान 'धर्मात्मा', 'कुर्बानी' और 'जांबाज' जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. वह 1960 के दशक की शुरुआत में एक पार्टी में सुंदरी से मिले. सुंदरी अपनी पहली शादी से अलग हो चुकी थीं और उनकी एक बेटी सोनिया थी. फिरोज को उनसे पहली नजर में ही प्यार हो गया. उन्होंने पांच साल तक एक-दूसरे को डेट किया और 1965 में शादी कर ली. उनके दो बच्चे हुए - 1970 में बेटी लैला और 1974 में बेटा फरदीन खान. सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था और उनका परिवार खुशहाल था. फिर फिरोज खान काम के सिलसिले में बैंगलोर चले गए.
ज्योतिका धनराजगीर हैदराबाद के शाही परिवार से थीं
बैंगलोर में उनकी मुलाकात ज्योतिका धनराजगीर से हुई, जो हैदराबाद के एक शाही परिवार से थीं और राजा महेंद्रगीर धनराजगीर की बेटी थीं. वह उनसे प्यार करने लगे. ज्योतिका बैंगलोर में रहती थीं और फिरोज भी मूल रूप से उसी शहर के थे, इसलिए वह काम के बहाने मुंबई से लंबे समय तक दूर रहने लगे और अपना ज्यादातर समय ज्योतिका के साथ बिताने लगे, जबकि मुंबई में उनकी पत्नी और बच्चों को इस बारे में कोई अंदाजा नहीं था. सुंदरी को पता चलने से पहले यह अफेयर कई सालों तक चलता रहा.
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जब सुंदरी को इस अफेयर के बारे में पता चला, तो उन्होंने कोई देरी नहीं की. बाद में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "मैं कह सकती हूं कि मैं तभी आजाद हो पाई, जब मेरे पास कोई और रास्ता नहीं बचा था. यह रातों-रात लिया गया फैसला था. मैंने अपना सामान पैक किया और नीचे वाले फ्लोर पर रहने चली गई. फिरोज और मैं एक ही घर में रहते थे. फर्क बस इतना था कि वह ज्यादातर समय बैंगलोर में अपनी नई प्रेमिका के साथ बिताते थे. मुझे इस भावनात्मक उथल-पुथल और अकेलेपन से उबरने में लगभग एक साल लग गया. मुझे एक पत्नी के तौर पर मिली जिंदगी की याद आती थी, लेकिन 'मिसेज खान' वाली जिंदगी की नहीं."
ज्योतिका से शादी नहीं चाहते थे फिरोज
ज्योतिका बार-बार फिरोज से शादी करने के लिए कहती रहीं. वह हमेशा यही कहते थे कि वह जैसे हैं वैसे ही खुश हैं और चीजों को और उलझाना नहीं चाहते. ज्योतिका इंतजार करती रहीं और फिरोज बात टालते रहे. सालों तक साथ रहने और उस कमिटमेंट का इंतजार करने के बाद जो कभी नहीं मिला, ज्योतिका ने अपना फैसला कर लिया. उन्होंने रिश्ता खत्म कर दिया और विदेश चली गईं.
ज्योतिका के जाने के बाद फिरोज मुंबई में अपने परिवार के पास लौट आएृ. उन्होंने वहां बसने और सुंदरी के साथ अपनी जिंदगी फिर से शुरू करने की कोशिश की, जैसे कि पिछले कुछ साल कभी गुजरे ही न हों. लेकिन सुंदरी ने अपनी जिंदगी को फिर से बनाने में कई साल बिता दिए थे. उन्हें अब अपनी पहचान के लिए 'मिसेज खान' कहलाने की जरूरत नहीं थी.
फिरोज और सुंदरी ने शादी के 20 साल बाद 1985 में तलाक ले लिया. उन्होंने दोबारा शादी नहीं की. सुंदरी ने अपने बच्चों की परवरिश ज़्यादातर अकेले ही की. उनका बेटा फरदीन खान बॉलीवुड एक्टर बने. उन्होंने 1990 के दशक के आखिर में डेब्यू किया और बाद में 'नो एंट्री' और 'जानशीं' जैसी फ़िल्मों के लिए जाना गया.
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फिरोज के बेटे है फरदीन खान
फरदीन खान ने अपने परिवार को टूटते हुए देखा और बड़े हुए. 2000 के दशक की शुरुआत में उनकी कई फिल्में हिट रहीं, लेकिन 2001 में ड्रग्स के मामले में गिरफ्तारी ने उनके करियर को पटरी से उतार दिया. वह एक दशक से ज़्यादा समय तक फिल्मों से दूर रहे, उनका वजन काफी बढ़ गया और 2023 में 'विस्फोट' फिल्म से उन्होंने जबरदस्त वापसी की. उनका ट्रांसफ़ॉर्मेशन पूरे भारत में वायरल हो गया. उनके पिता फिरोज खान का 27 अप्रैल 2009 को बैंगलोर में 69 साल की उम्र में कैंसर से निधन हो गया.
फिरोज खान ने अपने जीवन के आखिरी साल बैंगलोर में बिताए. वही शहर जहां उनकी मुलाकात ज्योतिका से हुई थी और जहां से सब कुछ शुरू हुआ था. उन्होंने इस अफेयर के बारे में कभी सार्वजनिक रूप से बात नहीं की. उन्होंने आखिर तक इससे इनकार किया.