कुछ गाने ऐसे होते हैं, जो सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं बने होते, बल्कि लोगों की भावनाओं से जुड़ जाते हैं. ऐसा ही एक गाना है ‘अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम'. करीब 65 साल पहले रिलीज हुई फिल्म ‘हम दोनों' का यह गीत आज भी लोगों के दिलों में खास जगह रखता है. जब भी देश में तनाव या युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तब इस गाने के बोल लोगों को शांति और इंसानियत की याद दिलाते हैं. लता मंगेशकर की आवाज में गाया यह गीत आज भी अपनों की सलामती की दुआ करने वालों के लिए एक खास मायने रखता है.
फिल्म ‘हम दोनों' में था यह गाना
साल 1961 में रिलीज हुई फिल्म ‘हम दोनों' का निर्देशन अमरजीत ने किया था. फिल्म में देव आनंद, साधना और नंदा मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे. फिल्म की कहानी दो ऐसे सैनिकों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका चेहरा एक जैसा है, लेकिन जिंदगी अलग-अलग है. देव आनंद ने फिल्म में दोहरी भूमिका निभाई थी. वह कैप्टन आनंद और मेजर वर्मा के किरदार में नजर आए. मेजर वर्मा की पत्नी रूमा का किरदार नंदा ने निभाया, जबकि साधना फिल्म में मीता बनी थीं.
जब लता की आवाज में गूंजा इंसानियत का संदेश
फिल्म के संगीतकार जयदेव थे और गीत के बोल साहिर लुधियानवी ने लिखे थे. ‘अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम' में दोनों धर्मों के नाम लेकर एक ही ईश्वर से प्रार्थना की गई है. इसके बोल लोगों को आपसी प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश देते हैं. यह गाना उस दौर में भी खास था, जब देश युद्ध और तनाव के हालात से गुजर रहा था. इसकी सबसे बड़ी खूबी यही है कि यह किसी एक धर्म की बात नहीं करता, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रार्थना करता है.
आज भी जब लोग अपने परिवार और अपनों की सलामती की दुआ करते हैं, तो इस गीत को सुनना उन्हें सुकून देता है. लता मंगेशकर की आवाज में गाया यह भजन समय के साथ और भी खास बन गया है.
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