बॉलीवुड की स्वर कोकिला जिनकी आवाज ने लोगों को ऐसा दीवाना बनाया कि कई दशकों से वो करोड़ो दिलों में बसी हुई हैं और खासकर अगर की जाए क्लासिकल गानों की तो उनकी बात ही कुछ और है. हम बात कर रहे हैं लता मंगेशकर की जिन्होंने अपनी आवाज से गानों को ऐसा सजाया कि सालों-साल बाद भी उनके गाए गीत लोगों के दिलों मे बस गए हैं. आज हम उनके एक ऐसे ही गाने की बात करेंगे जो अपनी कहानी के लिए जाना जाता है.
61 साल पहले आया ये गीत जिसे फिल्म के लिए बल्कि एक नाटक के लिए तैयार किया गया था. लेकिन बाद में इसे फिल्म मे शामिल किया गया और इसके बोलों को उसी हिसाब से बदल दिया गया. इस गाने को बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत अदाकारा मधुबाला पर फिल्माया गया था.
सबसे बड़ी फिल्म में गाने को किया शामिल
साल 1960 में आई फिल्म मुगल-ए-आजम ने बॉलीवुड के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया, ऐसी फिल्म जिसे बनने में 16 साल का समय लगा. इस फिल्म का गीत 'मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो रे' गाना जिसे लता मंगेशकर ना गाया और अमर कर दिया. इस गाने के बोल को एक रंगमंच नाटक के लिए तैयार किया गया है. इसकी धुन गुजराती कवि और नाटककार रघुनाथ ब्रह्मभट्ट ने लिखी थी. लेकिन फिल्म में शामिल करने के लिए इसमें थोड़े बदलाव किए गए थे.