गुजराती प्ले के लिए बना था गीत, कृष्ण की लीला दिखाती मधुबाला ने जीता था दिल, आज भी रहता है जुबां पर

बॉलीवुड की ऐतिहासिक फिल्म मुगल-ए-आजम को लेकर के हमेशा अलग-अलग किस्से सुनने को मिलते हैं. लेकिन इस फिल्म का एक गाना ऐसा है जो एक गुजराती प्ले के लिए तैयार किया गया था, लेकिन इसको फिल्म में शामिल कर लिया गया, जिसे लता मंगेशकर ने अपनी आवाज से कल्ट बना दिया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
गुजराती प्ले के लिए बना था मधुबाला का ये गाना

बॉलीवुड की स्वर कोकिला जिनकी आवाज ने लोगों को ऐसा दीवाना बनाया कि कई दशकों से वो करोड़ो दिलों में बसी हुई हैं और खासकर अगर की जाए क्लासिकल गानों की तो उनकी बात ही कुछ और है. हम बात कर रहे हैं लता मंगेशकर की जिन्होंने अपनी आवाज से गानों को ऐसा सजाया कि सालों-साल बाद भी उनके गाए गीत लोगों के दिलों मे बस गए हैं. आज हम उनके एक ऐसे ही गाने की बात करेंगे जो अपनी कहानी के लिए जाना जाता है. 

61 साल पहले आया ये गीत जिसे फिल्म के लिए बल्कि एक नाटक के लिए तैयार किया गया था. लेकिन बाद में इसे फिल्म मे शामिल किया गया और इसके बोलों को उसी हिसाब से बदल दिया गया. इस गाने को बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत अदाकारा मधुबाला पर फिल्माया गया था. 

सबसे बड़ी फिल्म में गाने को किया शामिल 

साल 1960 में आई फिल्म मुगल-ए-आजम ने बॉलीवुड के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया, ऐसी फिल्म जिसे बनने में 16 साल का समय लगा. इस फिल्म का गीत 'मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो रे' गाना जिसे लता मंगेशकर ना गाया और अमर कर दिया. इस गाने के बोल को एक रंगमंच नाटक के लिए तैयार किया गया है. इसकी धुन गुजराती कवि और नाटककार रघुनाथ ब्रह्मभट्ट ने लिखी थी. लेकिन फिल्म में शामिल करने के लिए इसमें थोड़े बदलाव किए गए थे. 

Topics mentioned in this article
Bollywood
Mughal E Azam
Madhubala 1954 Songs
Lata Mangeshkar Songs