56 साल पुराना गाना, जिस पर लगा था यूथ को बिगाड़ने का आरोप, आरडी बर्मन ने बनाया, आनंद बक्शी ने लिखा, आशा भोसले की आवाज में हुआ सुपरहिट

एक गाना जिसके लिए उन्हें अवार्ड भी मिला और वह आज एक आइकॉनिक सॉन्ग बन चुका है, अपने रिलीज के वक्त विवादों में घिर गया था. इस गाने को रेडियो पर बैन कर दिया गया था और दूरदर्शन ने भी इसे हटा दिया था.

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56 साल पुराना ये गाना बना था ब्लॉकबस्टर

आशा भोसले बॉलीवुड की महान सिंगर्स में से एक हैं. उन्होंने अपने जीवन में 100-200 नहीं बल्कि बारह हजार गाने गाए हैं. उनके ढेरों गाने हिट रहे और आज भी सुने जाते हैं. लेकिन उनका एक गाना जिसके लिए उन्हें अवार्ड भी मिला और वह आज एक आइकॉनिक सॉन्ग बन चुका है, अपने रिलीज के वक्त विवादों में घिर गया था. इस गाने को रेडियो पर बैन कर दिया गया था और दूरदर्शन ने भी इसे हटा दिया था. इस आइकॉनिक सॉन्ग पर उस दौर में युवाओं को बिगाड़ने का आरोप लगा और इस पर जमकर विवाद भी हुआ. आइए जानते हैं कौन सा है वो गाना और क्यों हुआ इस पर विवाद.

कौन सा है वो गाना

हम बात कर रहे हैं देव आनंद की फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' के गाने 'दम मारो दम' की. इस गाने में जीनत अमान ने बेफिक्र होकर चिलम पी, जिसे देख काफी लोगों ने इसका विरोध किया. 1971 की यह फिल्म 'हिप्पी मूवमेंट' के खिलाफ एक कमेंट के तौर पर बनाई गई थी, जो उस समय भारतीय उपमहाद्वीप में तेजी से फैल रहा था. गाने में नशे को ग्लैमरस रूप में दिखाया गया था. उस समय ये गाना उस दौर से काफी आगे था.

नशे में चूर युवाओं पर बना गाना

फिल्म में यह गाना तब आता है जब देव आनंद का किरदार 'प्रशांत', काठमांडू में अपनी बहन 'जेनिस' (जीनत अमान) को आजाद जिंदगी जीते हुए पाता है और उसे नशे की लत से बाहर लाने की जिम्मेदारी उठाता है. जब वह 'दम मारो दम' और उसके बाद 'हरे कृष्णा हरे रामा' कोरस गाती है, तो प्रशांत 'देखो ओ दीवानों' गाता है, जिसके बोल हैं 'राम का नाम बदनाम न करो'. इस गाने को आनंद बख्शी ने लिखा था और इसका म्यूजिक आरडी बर्मन ने दिया था. 

क्यों हुआ बैन?

इस गाने को इंडियन कल्चर के खिलाफ बताया था. क्योंकि इसमें चिलम फूंकने, ड्रग्स लेने की लत को दिखाया गया था. नशे के कल्चर को दिखाने की वजह से लोगों ने गाने पर सवाल खड़े किए. उस वक्त इस गाने को लोगों ने नशे की बुरी लत को बढ़ावा देने वाला और युवाओं को बिगाड़ने वाला बताया. कई संगठनों ने भी इसे इंडियन कल्चर के खिलाफ बताया था और इसे बैन करने की मांग की थी. इस विवाद की ही वजह से इसे ऑल इंडिया रेडियो ने बैन कर दिया था. वहीं दूरदर्शन से भी इसे हटा दिया गया था. हालांकि बावजूद इसके गाना सुपरहिट रहा और इस गाने के लिए आशा भोसले को फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का अवार्ड दिया गया. उन्हें ये अवार्ड साल 1973 में दिया गया था.

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