देश में डिजिटल कंटेंट की बढ़ती लोकप्रियता के बीच अब सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म्स पर सख्त रुख अपनाया है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय यानी MIB ने अश्लील कंटेंट स्ट्रीम करने के आरोप में पांच ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक कर दिया है. ये फैसला आईटी एक्ट और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड के नियमों के अनुसार लिया गया है. सरकार के मुताबिक इन प्लेटफॉर्म्स पर कई बार शिकायतें मिली थीं जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है. बताया जा रहा है कि इन ऐप्स पर दिखाए जा रहे कुछ कंटेंट को लेकर लंबे समय से आपत्ति जताई जा रही थी.
किन OTT प्लेटफॉर्म्स पर लगा बैन
प्रेस को जारी की गई लिस्ट के अनुसार MoodXVIP, Koyal Playpro, Digi Movieplex, Feel और Jugnu जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया गया है. आरोप है कि ये प्लेटफॉर्म्स लंबे समय से आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट दिखा रहे थे. इसी वजह से अब इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को इन ऐप्स की पहुंच रोकने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यूजर्स इन तक पहुंच न बना सकें.
यह भी पढ़ें: शाहिद कपूर फिल्म चुनने में हमेशा खा जाते हैं गच्चा, 5 ब्लॉकबस्टर फिल्मों को ठुकरा चुके हैं 'रोमियो'
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
ये पहली बार नहीं है जब सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म्स पर एक्शन लिया हो. इससे पहले जुलाई 2025 में भी 25 OTT प्लेटफॉर्म्स को अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट दिखाने के आरोप में ब्लॉक किया गया था. इन प्लेटफॉर्म्स को सितंबर 2024 में चेतावनी दी गई थी और फरवरी 2025 में नियमों का पालन करने की सलाह भी जारी की गई थी. इसके बावजूद कुछ प्लेटफॉर्म्स पर सुधार देखने को नहीं मिला था.
शिकायतों के बाद लिया गया फैसला
सोर्सेस के मुताबिक इन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे सीन दिखाए जा रहे थे जिनमें जरूरत से ज्यादा बोल्ड और आपत्तिजनक कंटेंट शामिल था. कुछ मामलों में पारिवारिक रिश्तों से जुड़े गलत सीन भी दिखाए गए थे. इतना ही नहीं कई बार ब्लॉक होने के बाद नए डोमेन बनाकर फिर से स्ट्रीमिंग शुरू करने की कोशिश भी की गई थी.
यह भी पढ़ें: पुष्पा की एक्ट्रेस ने 200 लोगों के सामने इस हीरो को किया था Kiss, अब 26 फरवरी को उसी से करने जा रही शादी
अब तक नहीं आया कोई बयान
फिलहाल जिन पांच OTT प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया गया है उनमें से किसी ने भी इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. आईटी रूल्स 2021 के अनुसार अब इन ऐप्स की पहुंच पूरी तरह से बंद कर दी गई है. आने वाले समय में सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की निगरानी और सख्त कर सकती है.