80 के दशक में हिंदी सिनेमा के गानों में रोमांस के साथ शरारत और मस्ती का भी खूब तड़का लगता था. उस दौर में कई ऐसे गाने आए, जिनके बोल आज भी लोगों को गुनगुनाने पर मजबूर कर देते हैं. ऐसा ही एक गाना है फिल्म ‘एक ही भूल' का ‘बिस्तर छोड़ के सो गया'. साल 1981 में रिलीज हुई इस फिल्म में रेखा और जितेंद्र की जोड़ी नजर आई थी. आशा भोसले की आवाज में सजे इस गाने के बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे, जबकि इसका संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था. गाने का अंदाज आज भी पुरानी फिल्मों के रोमांटिक संगीत की याद दिलाता है.
रेखा और जितेंद्र की जोड़ी ने पर्दे पर जमाया रंग
‘बिस्तर छोड़ के सो गया' गाना फिल्म ‘एक ही भूल' का हिस्सा है. इसमें रेखा और जितेंद्र की जोड़ी नजर आई थी. दोनों कलाकारों ने 80 के दशक में कई फिल्मों में साथ काम किया और दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की. इस गाने में रेखा का चुलबुला अंदाज और आशा भोसले की आवाज का मस्तीभरा रंग खास आकर्षण पैदा करता है.
गाने के बोल पति-पत्नी के बीच होने वाली नोकझोंक और रोमांटिक शरारतों की याद दिलाते हैं. यही वजह है कि पुराने हिंदी फिल्मी गीतों की चर्चा होने पर इस गाने का जिक्र भी किया जाता है. आशा भोसले की आवाज में वह चंचलता थी, जो ऐसे गानों को अलग पहचान देती थी. आनंद बख्शी के शब्दों और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत ने इसे उस दौर के फिल्मी संगीत का दिलचस्प हिस्सा बना दिया.
शादीशुदा जिंदगी की कहानी थी ‘एक ही भूल'
फिल्म ‘एक ही भूल' 9 अक्टूबर 1981 को रिलीज हुई थी. इसका निर्देशन टी. रामाराव ने किया था और निर्माण ए. पूर्णचंद्र राव ने किया था. फिल्म में जितेंद्र ने रामकुमार श्रीवास्तव और रेखा ने साधना श्रीवास्तव का किरदार निभाया था. कहानी एक शादीशुदा जोड़े के रिश्ते, गलतफहमियों और उनके रिश्ते में आई दरार के इर्द-गिर्द घूमती है.
फिल्म में शबाना आजमी, असरानी, मजहर खान, आगा, जगदीश राज और यूनुस परवेज जैसे कलाकार भी नजर आए थे. इसकी कहानी के. भाग्यराज ने लिखी थी, जबकि संवाद डॉ. राही मासूम रजा ने लिखे थे. यह फिल्म तमिल फिल्म ‘मौना गीतंगल' का हिंदी रीमेक थी. फिल्म को दर्शकों ने पसंद किया और इसने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन किया.
बॉक्स ऑफिस पर भी सफल रही थी फिल्म
‘एक ही भूल' सिर्फ अपने कलाकारों और कहानी के लिए ही नहीं, बल्कि अपने संगीत के लिए भी याद की जाती है. फिल्म के गानों में रोमांस, भावनाओं और मस्ती का मेल देखने को मिला. आशा भोसले और एस. पी. बालासुब्रमण्यम की आवाजों ने इसके संगीत को खास बनाया. आनंद बख्शी के बोल और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत उस दौर की लोकप्रिय संगीत परंपरा की झलक देते हैं.
बॉक्स ऑफिस के आंकड़े देने वाली वेबसाइट बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, फिल्म का भारत में कुल कलेक्शन करीब 2.3 करोड़ रुपये था और इसे हिट बताया गया है. हालांकि, 1981 की फिल्मों के पुराने कलेक्शन के आंकड़ों को अनुमानित मानकर देखना चाहिए. रेखा और जितेंद्र की जोड़ी, पारिवारिक कहानी और यादगार गानों के कारण ‘एक ही भूल' आज भी 80 के दशक के सिनेमा की चर्चा में अपनी जगह बनाए हुए है.