अगर आपको ऐसी वेब सीरीज देखना पसंद है, जो आपको स्क्रीन से उठने ही न दे, तो तुर्की का मशहूर ऐतिहासिक ड्रामा ‘एरतुग्रुल गाजी (Ertugrul Ghazi)' आपके लिए एकदम परफेक्ट है. यह सिर्फ एक शो नहीं बल्कि एक ऐसा एक्सपीरियंस है, जो दर्शकों को 13वीं सदी की उस दुनिया में ले जाता है, जहां युद्ध, सत्ता और विश्वास की कहानियां एक साथ चलती हैं. ‘एरतुग्रुल गाजी' सिर्फ एक सीरीज नहीं बल्कि एक लंबी, गहरी और रोमांच से भरी यात्रा है. अगर आप इतिहास, युद्ध और ड्रामा पसंद करते हैं, तो ये शो आपको अपनी ओर पूरी तरह खींच सकता है. यही कारण है, जो इस सीरीज ने तुर्की के साथ-साथ भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और कई देशों में जबरदस्त फैन फॉलोइंग बना ली है.
13वीं सदी के योद्धा की कहानी
‘एरतुग्रुल गाजी' की कहानी 13वीं सदी के मशहूर योद्धा एरतुग्रुल बेय के जीवन पर आधारित है, जिन्हें आगे चलकर उस्मानी साम्राज्य की नींव रखने वाले परिवार का अहम हिस्सा माना जाता है. शो में उनके संघर्ष, युद्ध और लोगों के लिए लड़ी गई लड़ाई को बहुत ही दिलचस्प अंदाज में दिखाया गया है. यही वजह है कि दर्शक एक बार देखना शुरू करें तो कहानी में पूरी तरह खो जाते हैं. इस सीरीज की सबसे बड़ी खासियत इसके शानदार युद्ध सीन, खूबसूरत लोकेशन, पारंपरिक कपड़े और दमदार म्यूजिक हैं, जो हर एपिसोड को और मजेदार बना देते हैं. वहीं, हर सीजन में नई साजिशें, बड़े फैसले और चौंकाने वाले मोड़ देखने को मिलते हैं, जिससे कहानी का रोमांच लगातार बना रहता है.
448 एपिसोड का लंबा सफर
ये सीरीज आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं. इसमें कुल 5 सीजन में 448 एपिसोड शामिल हैं. हालांकि, असल में ये शो लगभग 150 लंबे एपिसोड का है, लेकिन हर एपिसोड 2 से 2.30 घंटे का होने के कारण इसे छोटे हिस्सों में बांटकर दिखाया गया है. इस सीरीज के फैंस का कहना है कि एक बार इसे देखना शुरू कर दिया तो इसे छोड़ पाना मुश्किल है. कहानी की गहराई और किरदारों की मजबूती दर्शकों को पूरी तरह बांध लेती है. भारत और पाकिस्तान में इस शो को खास लोकप्रियता मिली है, जहां सोशल मीडिया पर इसके किरदारों और डायलॉग्स पर खूब चर्चा होती है.
कुछ देशों में बैन भी रही है सीरीज
यह शो कई जगहों पर विवादों में भी रहा है. इसे यूएई, सऊदी अरब और इजिप्ट जैसे देशों में बैन किया गया है. तुर्की में इसका पहला प्रसारण 10 दिसंबर 2014 को हुआ था और यह 29 मई 2019 तक चला. इस शो के डायरेक्टर मेटिन गुनय हैं.