कुछ गाने वक्त के साथ पुराने नहीं होते, बल्कि हर बार सुनने पर अपनी कहानी और गहरी कर देते हैं. ऐसा ही एक गीत है ‘किसी नजर को तेरा इंतजार आज भी है', जो 1985 में आई फिल्म ऐतबार का हिस्सा था. आशा भोसले और भूपिंदर सिंह की आवाज में सजा यह गीत इंतजार, मोहब्बत और अधूरी चाहत की कहानी कहता है. बप्पी लाहिड़ी ने इसका संगीत तैयार किया था और गीतकार हसन कमाल थे. गाने में डिंपल कपाड़िया और राज बब्बर की मौजूदगी ने इसके भाव को पर्दे पर खूबसूरती से उतारा. 41 साल बाद भी इसकी सादगी और दर्द इसे खास बनाते हैं.
डिंपल और राज बब्बर की कहानी का हिस्सा था ये गीत
ऐतबार का निर्देशन मुकुल आनंद ने किया था और फिल्म में राज बब्बर ने जयदीप, डिंपल कपाड़िया ने नेहा खन्ना और सुरेश ओबेरॉय ने सागर का किरदार निभाया था. डैनी डेंजोंगपा भी अहम भूमिका में नजर आए थे. कहानी एक ऐसे रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें शादी के बाद रिश्तों में शक, प्यार और भरोसे की परीक्षा सामने आती है. फिल्म को अल्फ्रेड हिचकॉक की 1954 की फिल्म Dial M for Murder का हिंदी रूपांतरण बताया जाता है.
बप्पी लाहिड़ी के संगीत में घुला इंतजार का दर्द
इस गाने की सबसे बड़ी खूबी इसकी आवाज और शब्द हैं. आशा भोसले और भूपिंदर सिंह ने इसे जिस ठहराव के साथ गाया, उसमें प्रेम के साथ बिछड़ने का दर्द भी महसूस होता है. गीतकार हसन कमाल के बोल सीधे दिल तक पहुंचते हैं और बप्पी लाहिड़ी की धुन इसे गजल जैसा एहसास देती है. ऐतबार के साउंडट्रैक में इस जोड़ी का एक और गीत ‘आवाज दी है आज एक नजर ने' भी था. दोनों गाने आज भी फिल्म के संगीत की पहचान माने जाते हैं.
थ्रिलर फिल्म, लेकिन गानों ने छोड़ी अलग छाप
ऐतबार मूल रूप से एक रोमांटिक थ्रिलर थी. फिल्म में रिश्तों के साथ अपराध और सस्पेंस की कहानी भी आगे बढ़ती है. अनूपम खेर, शरत सक्सेना और अन्य कलाकारों ने भी इसमें अहम भूमिकाएं निभाईं. फिल्म 22 मार्च 1985 को रिलीज हुई थी. इसका एक दिलचस्प ट्रिविया यह है कि ऐतबार के बाद इसकी कहानी से प्रेरित होकर तमिल में ‘Saavi' और बाद में मलयालम में ‘New Year' जैसी फिल्में भी बनीं.
आज जब पुराने गानों की बात होती है तो ‘किसी नजर को तेरा इंतजार आज भी है' इसलिए अलग महसूस होता है क्योंकि इसमें कोई भारी-भरकम शब्दावली नहीं, बल्कि इंतजार की एक सीधी-सी भावना है. आशा भोसले और भूपिंदर की आवाजें उस भावना को इतना खूबसूरत बना देती हैं कि चार दशक से ज्यादा समय बीतने के बाद भी यह गीत सुनने वाले को अपने साथ जोड़ लेता है. शायद यही वजह है कि ‘इंतजार आज भी है' सिर्फ गाने की लाइन नहीं, बल्कि इस सदाबहार गीत की पहचान बन चुकी है.