शादी हो या घर में कोई खास जश्न, डीजे पर जैसे ही 'मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियां हैं' बजता है, माहौल अपने आप रंगीन हो जाता है. महिलाएं इस गाने पर डांस करने लगती हैं और श्रीदेवी का दिलकश अंदाज पुराने दिनों की याद दिला देता है. साल 1989 में आई फिल्म 'चांदनी' का यह गीत करीब चार दशक बाद भी अपनी खास पहचान बनाए हुए है. लता मंगेशकर की आवाज, आनंद बख्शी के बोल और शिव-हरि का संगीत इस गाने को यादगार बनाते हैं. यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में श्रीदेवी, ऋषि कपूर और विनोद खन्ना मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे. फिल्म में श्रीदेवी ने चांदनी का किरदार निभाया था. उनके साथ वहीदा रहमान, सुषमा सेठ और अनपम खेर जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में थे.
लता मंगेशकर की आवाज ने बनाया यादगार
‘मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियां हैं' को लता मंगेशकर ने अपनी सुरीली आवाज दी थी. इसके बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे, जबकि संगीत शिव-हरि की जोड़ी ने तैयार किया था. गाने में चूड़ियों की खनक, प्यार भरी नोकझोंक और शादी की खुशियों वाला माहौल है. यही वजह है कि यह गीत कई पीढ़ियों की पसंद बना हुआ है. गाने में श्रीदेवी का रंगीन अंदाज, उनकी अदाएं और खूबसूरत पारंपरिक कपड़े भी लोगों को खूब पसंद आए. स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी गाने को और खास बना देती है. आज भी जब यह गीत बजता है, तो पुराने दौर की यादें ताजा हो जाती हैं.
क्या थी ‘चांदनी' की कहानी?
फिल्म की कहानी चांदनी और रोहित की प्रेम कहानी के इर्द-गिर्द घूमती है. रोहित का किरदार ऋषि कपूर ने निभाया था. एक हादसे के बाद दोनों की जिंदगी बदल जाती है और चांदनी की मुलाकात ललित से होती है, जिसका किरदार विनोद खन्ना ने निभाया था. इसके बाद कहानी प्यार, बिछड़ने और जिंदगी में आगे बढ़ने के फैसलों के बीच आगे बढ़ती है.
फिल्म की खूबसूरत कहानी और संगीत ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई. ‘चांदनी' की सफलता में इसके गानों का बड़ा योगदान रहा. ‘मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियां हैं' भी ऐसा ही गीत है, जो फिल्म से निकलकर लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन गया.
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