कव्वाली की दुनिया के बादशाह कहे जाने वाले नुसरत फतेह अली खान ने अपनी आवाज से हिंदुस्तानी संगीत को भी खास पहचान दी. उनके कई गीत आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल हैं, लेकिन ‘आफरीन आफरीन' की बात ही अलग है. करीब तीन दशक पहले आया यह गीत आज भी उतना ही ताजा लगता है. खास बात यह है कि इसके बोल बॉलीवुड के मशहूर गीतकार जावद अख्तर ने लिखे थे, जबकि इसकी धुन नुसरत फतेह अली खान ने तैयार की और आवाज भी दी. 1996 में एल्बम ‘संगम' से आया यह गीत बाद में कई पीढ़ियों की पसंद बन गया.
कार में बैठे-बैठे आया ‘आफरीन आफरीन' का ख्याल
‘आफरीन आफरीन' की कहानी इसके बोलों जितनी ही दिलचस्प है. जावेद अख्तर और नुसरत फतेह अली खान ने 1996 के एल्बम ‘संगम' के लिए साथ काम किया था. इस एल्बम में दोनों की कई रचनाएं शामिल थीं और ‘आफरीन आफरीन' उनमें सबसे ज्यादा याद की जाने वाली रचना बनी. रिकॉर्ड के मुताबिक गीत के बोल जावेद अख्तर के थे और संगीत नुसरत फतेह अली खान ने दिया था.
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यही वजह है कि 30 साल बाद भी जब सूफी संगीत और पुराने यादगार गानों की बात होती है, तो ‘आफरीन आफरीन' का नाम जरूर आता है. जावेद अख्तर के खूबसूरत शब्दों और नुसरत फतेह अली खान की रूहानी आवाज ने इस गीत को ऐसा बना दिया, जिसे हर नई पीढ़ी अपने अंदाज में फिर से खोज लेती है.